बाल श्रम पर जिला प्रशासन का बड़ा प्रहार: मेले और मिष्ठान भंडार से 6 बच्चों को कराया गया मुक्त

By: UTN Hindi ।। Digital Team

On: Tuesday, June 16, 2026 7:54 PM

बाल श्रम पर जिला प्रशासन का बड़ा प्रहार: मेले और मिष्ठान भंडार से 6 बच्चों को कराया गया मुक्त
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सिंगरौली में जिला प्रशासन ने बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विशेष संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया। एनसीएल ग्राउंड में लगे मेले और कचनी मोड़ स्थित एक मिष्ठान भंडार से 5 किशोर श्रमिकों और 1 बाल श्रमिक सहित कुल 6 बच्चों को मुक्त कराया गया। सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर पुनर्वास प्रक्रिया शुरू की गई है। संबंधित नियोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।

बाल श्रम उन्मूलन अभियान में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

सिंगरौली जिले में बाल श्रम के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सोमवार को विशेष संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया। कलेक्टर श्री गौरव बैनल के निर्देश पर गठित टीम ने विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण कर कुल 6 बच्चों को श्रम कार्य से मुक्त कराया।

प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई में 5 किशोर श्रमिक और 1 बाल श्रमिक को रेस्क्यू किया गया। अभियान के दौरान बाल श्रम कराने वाले प्रतिष्ठानों में हड़कंप की स्थिति देखी गई।

किन स्थानों पर हुई कार्रवाई?

संयुक्त टीम ने एनसीएल ग्राउंड में संचालित मेले और कचनी मोड़ स्थित गुप्ता मिष्ठान भंडार पर अचानक छापामार कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान कार्यस्थलों पर काम कर रहे बच्चों की पहचान की गई और उन्हें तत्काल मुक्त कराया गया।

इस अभियान में श्रम विभाग, बाल संरक्षण इकाई, विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) तथा सामाजिक संस्था ‘कनपुरा कुटुंबकम’ (NGO) के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।

मुक्त बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष किया गया प्रस्तुत

रेस्क्यू किए गए सभी 6 बाल एवं किशोर श्रमिकों को निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया के तहत बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अधिकारियों के अनुसार बच्चों की सुरक्षा, परामर्श और पुनर्वास की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है ताकि उन्हें बेहतर भविष्य और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

नियोजकों के खिलाफ होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई

जिला प्रशासन ने बाल श्रम कराने वाले संबंधित नियोजकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जा रही है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल श्रम के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रशासन का संदेश: ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति जारी रहेगी

जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे। बाल श्रम कराने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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