ईरान की चाय, जिसे फारसी भाषा में “चाय” कहा जाता है, आज दुनिया की सबसे खास और शुद्ध ब्लैक टी में गिनी जाती है। इसकी पहचान इसके प्राकृतिक स्वाद, गहरी खुशबू और बिना केमिकल के तैयार होने वाली गुणवत्ता से होती है। यही वजह है कि भारत समेत कई देशों में ईरानी चाय की मांग तेजी से बढ़ रही है।
पूरी तरह प्राकृतिक और बिना केमिकल की चाय
ईरानी चाय की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे उगाने में आमतौर पर कीटनाशकों या कृत्रिम रंगों का उपयोग नहीं किया जाता। इसलिए इसका स्वाद शुद्ध और प्राकृतिक होता है। यह चाय बनाने पर लाल-भूरे रंग की दिखाई देती है और इसमें हल्की कड़वाहट के साथ गहरा स्वाद मिलता है, जो लंबे समय तक मुंह में बना रहता है।

पहाड़ी इलाकों की जलवायु देती है अलग पहचान
ईरान के उत्तरी हिस्सों, खासकर गिलान और लाहीजान जैसे क्षेत्रों की पहाड़ी जलवायु और उपजाऊ मिट्टी इस चाय की गुणवत्ता को खास बनाती है। इन इलाकों में उगाई गई चाय में प्राकृतिक खुशबू और मजबूत फ्लेवर मिलता है, जो इसे अन्य देशों की चाय से अलग बनाता है।

मजबूत खुशबू और बिना दूध के भी स्वादिष्ट
ईरानी चाय का स्वाद इतना संतुलित होता है कि इसे बिना दूध के भी आसानी से पिया जा सकता है। इसमें हल्की मिठास और फूलों जैसी खुशबू होती है, जिससे यह चाय प्रेमियों के बीच खास पसंद बन गई है। यह चाय आमतौर पर बिना दूध के पी जाती है और इसका असली स्वाद इसी रूप में मिलता है।

सेहत के लिए भी फायदेमंद
विशेषज्ञों के अनुसार ईरानी चाय में एंटीऑक्सीडेंट और पॉलीफेनोल जैसे तत्व होते हैं, जो शरीर की इम्यूनिटी मजबूत करते हैं और दिल की सेहत के लिए भी लाभकारी होते हैं। यह चाय पाचन सुधारने और शरीर को ताजगी देने में मदद करती है।
ईरान की संस्कृति का अहम हिस्सा
ईरान में चाय सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि संस्कृति का अहम हिस्सा है। वहां के लोग दिनभर में कई बार चाय पीते हैं और मेहमानों का स्वागत भी चाय से ही किया जाता है। चाय वहां की सामाजिक और पारिवारिक परंपरा से जुड़ी हुई है।

भारत में भी तेजी से बढ़ रही लोकप्रियता
भारत दुनिया के सबसे बड़े चाय उत्पादकों में से एक है, फिर भी ईरानी चाय अपने खास स्वाद और प्राकृतिक गुणवत्ता के कारण भारतीय बाजार में भी अपनी अलग पहचान बना रही है। खासकर हेल्थ-कॉन्शियस लोग अब केमिकल-फ्री और ऑर्गेनिक चाय की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं।
ईरानी चाय की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण इसका शुद्ध होना, प्राकृतिक खुशबू, मजबूत स्वाद और सेहत के लिए फायदेमंद गुण हैं। बिना मिलावट और पारंपरिक तरीके से तैयार होने के कारण यह चाय दुनिया भर में खास पहचान बना चुकी है। आने वाले समय में इसकी मांग और ज्यादा बढ़ने की संभावना है।











