भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। अब दिल्ली-NCR के गुरुग्राम से AI रोबोट और ड्रोन के जरिए घर तक सामान पहुंचाने की सेवा शुरू हो गई है। यह सेवा देश के लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी सेक्टर में बड़ा बदलाव लाने वाली मानी जा रही है।
इस नई प्रणाली में ड्रोन आसमान के रास्ते सामान लेकर तय स्थान तक पहुंचता है। इसके बाद AI से चलने वाले छोटे रोबोट उस सामान को सीधे ग्राहक के घर के दरवाजे तक पहुंचाते हैं। इससे डिलीवरी में इंसानों की जरूरत कम हो जाएगी और पूरी प्रक्रिया तेज और सुरक्षित होगी।
AI और ड्रोन से बदल रहा है डिलीवरी सिस्टम
यह नई सेवा गुरुग्राम के सेक्टर-102 से शुरू की गई है। यहां रहने वाले लोग अब खाना, किराना और जरूरी सामान सीधे अपने घर मंगा सकते हैं। यह पूरा नेटवर्क AI और ऑटोमैटिक सिस्टम पर आधारित है, जिससे बिना किसी डिलीवरी बॉय के सामान पहुंचाया जा सकता है।
इस तकनीक को भारत में हुए AI Impact Summit 2026 के बाद लॉन्च किया गया है। इस समिट में दुनिया भर के विशेषज्ञों ने भाग लिया और भारत की AI क्षमता की सराहना की। इससे यह साफ हो गया है कि भारत तेजी से AI टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ रहा है।

लाखों डिलीवरी पूरी, कार्बन उत्सर्जन भी कम
इस टेक्नोलॉजी को विकसित करने वाली कंपनी ने पिछले 2.5 साल में लगभग 36 लाख ड्रोन डिलीवरी सफलतापूर्वक पूरी की हैं। इससे हजारों टन कार्बन उत्सर्जन भी कम हुआ है। यह तकनीक पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद मानी जा रही है।
AI और ड्रोन के इस नेटवर्क में “स्काई पोर्ट”, ड्रोन, स्मार्ट बॉक्स और AI रोबोट जैसे कई सिस्टम मिलकर काम करते हैं। यह पूरी तरह ऑटोमैटिक सिस्टम है, जिससे डिलीवरी की गति और सटीकता बढ़ती है।
डिजिटल भविष्य के लिए बड़ा संकेत
AI और ड्रोन डिलीवरी की शुरुआत से भारत दुनिया के उन देशों में शामिल हो गया है, जहां ऑटोमैटिक डिलीवरी सिस्टम लागू हो चुका है। यह पहल ई-कॉमर्स, हेल्थकेयर और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में नई संभावनाएं खोल सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह तकनीक पूरे देश में फैल सकती है। इससे डिलीवरी समय कम होगा, रोजगार के नए अवसर बनेंगे और भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।











