लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने सभी का ध्यान खींचा। मुस्लिम छात्र नमाज अदा कर रहे थे और उनके पीछे हिंदू छात्र सुरक्षा के लिए चेन बनाकर खड़े रहे। यह दृश्य कैंपस में आपसी भाईचारे और एकता का प्रतीक बन गया।
बताया जा रहा है कि विश्वविद्यालय परिसर में स्थित करीब 200 साल पुरानी ऐतिहासिक लाल बारादरी के अंदर एक मस्जिद है। यहां लंबे समय से छात्र नमाज पढ़ते आ रहे थे। लेकिन हाल ही में मस्जिद को अचानक बंद कर दिया गया, जिससे मुस्लिम छात्रों में चिंता और नाराजगी बढ़ गई।
इस फैसले के बाद कैंपस में तनाव की स्थिति बनने की आशंका थी। लेकिन इसके उलट, हिंदू और मुस्लिम छात्र एक साथ आ गए। जब मुस्लिम छात्र नमाज पढ़ने पहुंचे, तब हिंदू छात्र उनके पीछे खड़े होकर सुरक्षा की चेन बना ली। नमाज पूरी होने तक वे वहीं मौजूद रहे।
छात्रों का कहना है कि यह कदम आपसी सम्मान और भाईचारे को बनाए रखने के लिए उठाया गया। उनका उद्देश्य किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकना और शांति बनाए रखना था। कई छात्रों ने इसे कैंपस की सकारात्मक संस्कृति और एकता की मजबूत मिसाल बताया।
यह हमारा असली हिंदुस्तान है ,
लखनऊ यूनिवर्सिटी में मुसलमान छात्र नमाज पढ़ रहे हैं और हिंदू छात्र उनकी सुरक्षा में खड़े हैं ताकि मुसलमान छात्रों को नमाज पढ़ने में कोई परेशानी ना हो ,
लेकिन लखनऊ यूनिवर्सिटी प्रशासन ने लाल बरादरी स्थित 200 साल पुरानी मस्जिद को अचानक से सील कर… pic.twitter.com/jdlqKeC3Ze
— Nargis Bano (@Nargis_Bano78) February 22, 2026
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से मस्जिद बंद करने के कारणों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, छात्रों के बीच संवाद और शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में सामाजिक सौहार्द और एकता पर चर्चा हो रही है। लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों ने अपने व्यवहार से यह संदेश दिया कि शिक्षा संस्थान सिर्फ पढ़ाई के केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और समझ के भी केंद्र होते हैं।
छात्रों की यह पहल अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है। कई लोग इसे भारत की गंगा-जमुनी तहजीब का उदाहरण बता रहे हैं।











