मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले से सामने आया एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने निजता, सामाजिक मर्यादा और पुलिस कार्रवाई को लेकर नई बहस छेड़ दी है। वीडियो में एक शादीशुदा दंपति और उनका एक मित्र घर के अंदर तेज़ संगीत पर डांस करते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो चोरी-छिपे बाहर से रिकॉर्ड किया गया था।
किराए के मकान में चल रही थी निजी पार्टी
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह घटना मंदसौर के दलौदा थाना क्षेत्र की है। दंपति हाल ही में दूसरे जिले से यहां आकर किराए के मकान में रह रहा था। सोमवार रात करीब 10 बजे वे अपने एक डॉक्टर मित्र के साथ घर के भीतर बॉलीवुड गाने “बिल्लो रानी” पर डांस कर रहे थे। इसी दौरान किसी पड़ोसी ने तेज आवाज की शिकायत करते हुए पुलिस को सूचना दे दी।
शिकायत मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
सूचना मिलने पर दलौदा पुलिस मौके पर पहुंची। उस समय घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस ने घर के अंदर मौजूद युवक, उसकी पत्नी और उनके मित्र को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि नहीं पाई गई, लेकिन तेज आवाज और सार्वजनिक शांति भंग होने की शिकायत दर्ज की गई थी।
Really feel sad for the neighbours who don’t have a life of their own. Imagine, one is shooting the video of the couple secretly from the top.
The couple are dancing in their house and behind closed doors. Can’t understand why the police would even take away the couple -… https://t.co/HmWuJB8efc
— Snehesh Alex Philip (@sneheshphilip) January 19, 2026
वायरल वीडियो पर भड़के लोग, निजता पर सवाल
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। बड़ी संख्या में यूजर्स ने वीडियो बनाने वाले व्यक्ति की आलोचना की। एक यूजर ने लिखा,
“लोगों को दूसरों की निजी जिंदगी में झांकने की आदत हो गई है। अपने घर में डांस करना अपराध कैसे हो सकता है?”
वहीं एक अन्य यूजर ने कहा,
“वीडियो बनाने वाले पर कार्रवाई होनी चाहिए, न कि उस कपल पर जो अपने घर में था।”
हालांकि कुछ लोगों का यह भी कहना था कि देर रात तेज म्यूजिक बजाना पड़ोसियों के लिए परेशानी बन सकता है।
निजता बनाम सार्वजनिक शांति की बहस तेज
यह मामला अब केवल एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रह गया है। यह घटना देश में बढ़ते प्राइवेसी उल्लंघन, मोबाइल से अवैध रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया ट्रायल जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी के निजी पल को बिना अनुमति रिकॉर्ड करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वीडियो बनाने वाले व्यक्ति की पहचान की जा रही है और साइबर सेल मामले की जांच कर रही है। वहीं हिरासत में लिए गए तीनों लोगों को प्राथमिक पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। पुलिस ने साफ किया है कि मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी।
मंदसौर का यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ में हम दूसरों की निजता का सम्मान भूलते जा रहे हैं? कानून की नजर में जहां शांति भंग करना गलत है, वहीं किसी की निजी जिंदगी को सार्वजनिक करना भी उतना ही गंभीर अपराध है।











