गुरुग्राम, हरियाणा से जारी एक वीडियो संदेश में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चली अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने के बाद उठ रहे सवालों और आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि छात्रों के हित में लंबे समय तक अनशन करने के बाद उन्हें किसी से अपने आंदोलन की “पवित्रता” का प्रमाण लेने की आवश्यकता नहीं है।
“26 दिन भूखा रहा, 11 किलो वजन कम हो गया”
वांगचुक ने कहा कि छात्रों के लिए किए गए 26 दिन के अनशन का उनके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ा।
Also Read
उन्होंने कहा,
Read Today's E-Magazine
Swipe through the complete digital edition of Urjanchal Tiger right on your screen.
“छात्रों के लिए 26 दिन तक भूखा रहने के बाद मेरा 11 किलो वजन कम हो गया। मेरी मांसपेशियां कमजोर हो गईं और मेरे अंगों तथा मस्तिष्क को ऐसा नुकसान हुआ है जिसे पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता।”
Advertisement
उन्होंने बताया कि लद्दाख की ठंडी जलवायु से दिल्ली की भीषण गर्मी में आकर लगातार अनशन करना उनके लिए शारीरिक रूप से बेहद कठिन रहा।
“क्या मुझे किसी से कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेना होगा?”
भूख हड़ताल समाप्त करने के तरीके को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए वांगचुक ने कहा,
“क्या मुझे किसी से कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेना होगा कि मेरा अनशन कितना पवित्र था? मैंने किसके हाथों अनशन तोड़ा या क्या डील हुई – इन सवालों का जवाब देने से पहले लोग यह समझें कि मैं किन परिस्थितियों से गुजरा हूं।”
उन्होंने कहा कि कई लोग पूरे घटनाक्रम और परिस्थितियों को जाने बिना टिप्पणी कर रहे हैं।
परिवार की परिस्थितियों का भी किया जिक्र
वांगचुक ने कहा कि पिछले एक-दो सप्ताह उनके परिवार के लिए भी बेहद कठिन रहे।
उन्होंने कहा,
“मैं किसी को दोष नहीं दूंगा, क्योंकि आपमें से ज्यादातर लोगों को यह नहीं पता कि मैं और मेरा परिवार पिछले दिनों किन हालात से गुजरे हैं।”
लोगों से की अपील, पहले जानें टिप्पणी करने वाले की पृष्ठभूमि
अपने संदेश में वांगचुक ने लोगों से सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों को लेकर सावधानी बरतने की अपील की।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की बात पर विश्वास करने से पहले यह जरूर देखना चाहिए कि—
- क्या उसकी कोई व्यक्तिगत नाराजगी है?
- क्या वह किसी राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ है?
- या वह निष्पक्ष दृष्टिकोण रखने वाला व्यक्ति है?
उन्होंने कहा,
“अगर कोई व्यक्ति निष्पक्ष है, तो उसकी बात जरूर सुनिए। मैं उनके सवालों का जवाब देने की कोशिश करूंगा।”
26 दिन की भूख हड़ताल के बाद खत्म हुआ अनशन
सोनम वांगचुक ने 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। बाद में स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सरकार की ओर से कुछ आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त करने की घोषणा की थी।





