सिंगरौली। प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर सिंगरौली के वार्ड क्रमांक 43 में बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि बिना मकान बने ही हितग्राहियों के खाते से आवास की राशि निकाल ली गई। मामला सामने आने के बाद सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह ने इसे गंभीरता से लेते हुए सीधे नगर निगम पहुंचकर अधिकारियों से जवाब-तलब किया।
बताया जा रहा है कि “मन की बात” कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों ने विधायक के सामने अपनी समस्या रखी। शिकायत में कहा गया कि मकान का निर्माण शुरू तक नहीं हुआ, लेकिन खाते में आने वाली किस्तें निकाल ली गईं।
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विधायक ने नगर निगम अधिकारियों से कई अहम सवाल पूछे
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- मकान बना नहीं तो किस आधार पर किस्त जारी हुई?
- बिना सत्यापन के अगली किस्तें कैसे जारी हुईं?
- क्या मौके का निरीक्षण किया गया था?
- गरीब हितग्राहियों के खाते से पैसे कैसे निकले?
इस पूरे मामले में राम गरीब पनिका की भूमिका को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि कुछ लोगों ने गरीबों को गुमराह कर उनके खाते से आवास की राशि निकलवाई, जिसमें कथित तौर पर कुछ नगर निगम कर्मियों की मिलीभगत भी हो सकती है।
हालांकि, मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी, लेकिन इस घटना ने प्रधानमंत्री आवास योजना की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि
- गरीबों के मकान के लिए आई राशि की निगरानी आखिर कौन कर रहा था?
- बिना निर्माण के भुगतान होने की जिम्मेदारी किसकी है?
प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन मामले की जांच की मांग तेज हो गई है।





