जिले में पेट्रोल और डीजल की गुणवत्ता तथा उपभोक्ताओं को सही मात्रा में ईंधन उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष जांच अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देश पर जिले के सभी पेट्रोल एवं डीजल पंपों का अगले सात दिनों के भीतर आकस्मिक निरीक्षण किया जाएगा।
यह कार्रवाई भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा आयुक्त, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, भोपाल के निर्देशों के तहत की जा रही है। अभियान का मुख्य उद्देश्य पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल में संभावित मिलावट, घटतौली और अवैध बिक्री पर प्रभावी रोक लगाना है।
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चारों अनुविभागों में गठित हुए विशेष जांच दल
कलेक्टर के आदेशानुसार जिले के चारों अनुविभाग सिंगरौली, माड़ा, देवसर और चितरंगी में संयुक्त जांच दल बनाए गए हैं। प्रत्येक दल में संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम), तहसीलदार, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी, नापतौल निरीक्षक तथा संबंधित ऑयल कंपनियों के सेल्स ऑफिसर को शामिल किया गया है, ताकि जांच निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से हो सके।
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ईंधन की गुणवत्ता और नापतौल की होगी जांच
जांच दल अपने-अपने क्षेत्र के सभी पेट्रोल पंपों का सघन एवं आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान ईंधन की गुणवत्ता, स्टॉक का सत्यापन और नापतौल की सटीकता की जांच की जाएगी। सभी दलों को सात दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट जिला कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
अनियमितता मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई
कलेक्टर गौरव बैनल ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी पेट्रोल पंप पर घटतौली, ईंधन में मिलावट या अन्य किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित संचालक के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम सहित अन्य प्रचलित कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने कहा है कि उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा और पारदर्शी ईंधन वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के निरीक्षण अभियान भविष्य में भी नियमित रूप से जारी रहेंगे।



