सिंगरौली: एनआरसी में बढ़ेंगे बेड, अगस्त में 90% टीकाकरण पूरा करने के निर्देश

सिंगरौली में कलेक्टर गौरव बैनल की अध्यक्षता में स्वास्थ्य एवं पोषण समिति की बैठक हुई। एनआरसी में अतिरिक्त बेड, 90% लंबित टीकाकरण, कुपोषण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर अहम निर्देश दिए गए।

Rakesh Kumar Vishwakarma

Author | Updated: 05 Aug 2026, 09:21 PM IST | 1 min read
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कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी गौरव बैनल की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य एवं पोषण समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान कलेक्टर ने जिला मुख्यालय स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में 10 अतिरिक्त बेड तथा जिले के अन्य सभी एनआरसी केंद्रों में 5-5 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टर ने अगस्त माह के दौरान जिले में लंबित टीकाकरण का कम से कम 90 प्रतिशत लक्ष्य हर हाल में पूरा करने पर विशेष जोर दिया।

टीकाकरण अभियान में कोई लापरवाही नहीं

कलेक्टर गौरव बैनल ने निर्देश दिए कि निर्धारित माइक्रोप्लान के अनुसार सभी टीकाकरण सत्रों का शत-प्रतिशत आयोजन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर टीकाकरण से वंचित बच्चों का चिन्हांकन कर उनका टीकाकरण कराने के निर्देश दिए।

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उन्होंने डीसीएम को नियमित समीक्षा करने तथा डीपीओ और सीडीपीओ को स्वयं टीकाकरण सत्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही सुपरवाइजरों के माध्यम से छूटे हुए बच्चों की लगातार निगरानी रखने को कहा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अगस्त माह के अंत तक कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित नहीं रहना चाहिए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।

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मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर

बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी प्रसव केंद्रों को सुचारु रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। जहां स्टाफ की कमी है, वहां प्रशिक्षण देकर एएनएम की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया।

उन्होंने सभी गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत एएनसी पंजीयन, समय पर स्वास्थ्य परीक्षण तथा 15 अगस्त से पहले हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन और समुचित प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सुमन हेल्प डेस्क के माध्यम से गर्भवती महिलाओं से नियमित संपर्क बनाए रखने और सभी प्रसव संस्थागत रूप से कराने पर विशेष जोर दिया।

गंभीर कुपोषित बच्चों को तत्काल एनआरसी में भर्ती कराने के निर्देश

कुपोषण की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराया जाए। यदि कोई पात्र बच्चा भर्ती से वंचित पाया जाता है तो संबंधित परियोजना अधिकारी, सीडीपीओ और सुपरवाइजर के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए रहें सतर्क

वर्षा ऋतु को देखते हुए कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को डायरिया सहित अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए पूरी सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, आरबीएसके टीमों को अभियान से जोड़ने तथा एंबुलेंस एवं शव वाहनों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

डेंगू, मलेरिया और सर्पदंश उपचार पर विशेष तैयारी

वाहक जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने मलेरिया, डेंगू और अन्य संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही किसी भी क्षेत्र में बीमारी फैलने की सूचना मिलने पर तत्काल स्वास्थ्य दल सक्रिय करने को कहा।

इसके अलावा सभी स्वास्थ्य संस्थानों में सर्पदंश (स्नेक बाइट) उपचार के लिए आवश्यक दवाओं की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित रखने के निर्देश भी दिए।

आंगनवाड़ी केंद्रों की नियमित निगरानी के निर्देश

महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सभी आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने, बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार पोषण आहार उपलब्ध कराने तथा सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने जन विश्वास अभियान के तहत पात्र हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने के लिए शिविरों से पहले क्षेत्र भ्रमण कर पात्र हितग्राहियों का चिन्हांकन करने को कहा।

खाद्य प्रतिष्ठानों की भी होगी जांच

बैठक में खाद्य सुरक्षा अधिकारी को जिले के खाद्य प्रतिष्ठानों, फल विक्रेताओं और होटलों में विशेष अभियान चलाकर खाद्य सामग्री के नमूने लेने तथा आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में सहायक कलेक्टर सौम्या मिश्रा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पराज सिंह, सिविल सर्जन डॉ. कल्पना रवि, जिला शिक्षा अधिकारी कविता त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र गुप्ता, डीपीएम सुधांशु मिश्रा, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. पंकज सिंह सहित स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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