ग्राम पंचायत खैराही के अगरियान टोले में कथित पेयजल संकट को लेकर मीडिया संस्थान NDTV पर प्रकाशित समाचार के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया।
कलेक्टर गौरव बेनाल के निर्देश पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने शनिवार को मौके पर पहुंचकर जमीनी स्थिति का विस्तृत निरीक्षण किया।
जांच दल में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री त्रिलोक सिंह वरकड़े, सहायक यंत्री, उपयंत्री, तकनीकी कर्मचारी, स्थानीय सरपंच, सचिव और ग्राम सेवक शामिल रहे।
15 में से 13 शासकीय हैंडपंप चालू मिले
निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि ग्राम पंचायत खैराही की कुल आबादी लगभग 2,340 है और यहां कुल 15 शासकीय हैंडपंप स्थापित हैं।
जांच में सामने आया कि
- 13 हैंडपंप पूरी तरह चालू अवस्था में हैं।
- 2 हैंडपंप स्थायी रूप से बंद पाए गए।
- अधिकांश ग्रामीणों को नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध हो रहा है।
अगरियान टोले में पर्याप्त जल उपलब्धता का दावा
जांच टीम ने विशेष रूप से समाचार में उल्लेखित अगरियान टोले का निरीक्षण किया, जहां लगभग 15 से 20 परिवार निवास करते हैं।
अधिकारियों के अनुसार, टोले के प्रत्येक घर में 40 से 50 फीट गहराई के निजी नलकूप मौजूद हैं। निरीक्षण के समय इनमें 20 से 30 फीट तक जलस्तर उपलब्ध पाया गया।
इसके अलावा टोले में स्थापित दो शासकीय हैंडपंपों में से:
- एक हैंडपंप बंद मिला।
- दूसरा पूरी तरह चालू पाया गया, जिससे ग्रामीण नियमित रूप से पानी प्राप्त कर रहे हैं।
शिकायतकर्ता के घर भी मिला निजी बोरवेल
जांच के दौरान समाचार में पेयजल संकट की शिकायत करने वाले अजीत कुमार अगरिया के घर का भी निरीक्षण किया गया।

अधिकारियों के अनुसार, उनके घर में निजी बोरवेल स्थापित है, जिससे मोटर पंप के माध्यम से पानी प्राप्त किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त उनके घर से लगभग 60 से 70 मीटर की दूरी पर रामाधार जायसवाल के घर के पास स्थित शासकीय हैंडपंप भी चालू अवस्था में मिला।
जल गुणवत्ता की भी कराई गई जांच
प्रशासनिक टीम ने केवल जल उपलब्धता ही नहीं, बल्कि पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए भी नमूने एकत्र किए।
संग्रहित नमूनों को परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजा गया है, ताकि पेयजल की गुणवत्ता का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जा सके।
ग्रामीणों से किया गया सीधा संवाद
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अगरियान टोले के प्रत्येक घर में पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की।
प्रशासन के अनुसार, अधिकांश ग्रामीणों ने बताया कि वे अपनी दैनिक जरूरतों के लिए निजी कुओं, निजी नलकूपों और शासकीय हैंडपंपों से प्राप्त पानी का उपयोग कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि वे पेयजल के लिए नदी या नाले के पानी का उपयोग नहीं करते हैं।
विभाग का आधिकारिक बयान
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री त्रिलोक सिंह वरकड़े ने कहा कि क्षेत्र में वर्तमान समय में पेयजल संकट जैसी स्थिति नहीं है।
उन्होंने बताया कि उपलब्ध जल स्रोतों से ग्रामीणों को नियमित रूप से सुरक्षित पेयजल मिल रहा है और विभाग स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।









