PPF Account जल्दी खोलना क्यों है फायदेमंद? जानिए 15 साल की मैच्योरिटी और New Tax Regime के 5 बड़े टैक्स बेनिफिट्स

PPF Account और New Tax Regime के नियम नौकरीपेशा लोगों को लंबी अवधि की वित्तीय सुरक्षा और टैक्स बचत में मदद कर सकते हैं।

नौशाबा अंजुम

Author | Updated: 19 Jun 2026, 11:29 AM IST | 1 min read
PPF UPDATE
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अगर आप नौकरीपेशा हैं और अभी तक PPF Account नहीं खोला है, तो यह भविष्य की वित्तीय योजना के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। वहीं, New Tax Regime में भी कई ऐसे टैक्स बेनिफिट्स हैं जिनका लाभ हर सैलरीड कर्मचारी उठा सकता है। जानिए PPF और नए टैक्स नियमों से जुड़ी अहम बातें।

PPF Account जल्दी खोलने की सलाह क्यों दी जा रही है?

वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि कई नौकरीपेशा लोग PPF Account (Public Provident Fund) खोलने में देर कर देते हैं। हालांकि PPF का ब्याज वर्तमान में 7.1% है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी ताकत इसका 15 साल का मैच्योरिटी पीरियड और टैक्स-फ्री लाभ है।

यदि कोई व्यक्ति 28 वर्ष की उम्र में केवल ₹500 प्रति वर्ष से PPF Account खोलता है, तो यह 43 वर्ष की आयु तक मैच्योर हो जाएगा। जबकि 40 वर्ष की उम्र में खाता खोलने पर मैच्योरिटी 55 वर्ष की आयु में मिलेगी।

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PPF का असली फायदा सिर्फ ब्याज नहीं, बल्कि समय है

विशेषज्ञों के अनुसार, PPF में निवेश का उद्देश्य केवल रिटर्न कमाना नहीं बल्कि भविष्य के लिए एक Tax-Free Debt Cushion तैयार करना भी है।

PPF की 15 वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद इसे 5-5 वर्ष के ब्लॉक में कई बार बढ़ाया जा सकता है। इससे 50 वर्ष की उम्र के बाद भी सुरक्षित और टैक्स-फ्री निवेश का विकल्प मिलता है।

30% टैक्स स्लैब वालों के लिए PPF क्यों फायदेमंद?

यदि कोई व्यक्ति 30% टैक्स स्लैब में आता है, तो किसी सामान्य डेट निवेश को टैक्स कटने के बाद PPF के 7.1% टैक्स-फ्री रिटर्न के बराबर पहुंचने के लिए लगभग 11% प्री-टैक्स रिटर्न कमाना होगा।

यही कारण है कि कई वित्तीय विशेषज्ञ लंबी अवधि की योजना के तहत PPF Account जल्दी खोलने की सलाह देते हैं।

New Tax Regime में सैलरीड कर्मचारियों के लिए 5 बड़े Tax Saving Benefits

1. ₹75,000 Standard Deduction

New Tax Regime में स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 कर दिया गया है। इसका लाभ स्वतः मिलता है और इसके लिए किसी निवेश या दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होती।

2. Section 87A Rebate

यदि आपकी टैक्सेबल आय ₹12 लाख तक है, तो Section 87A Rebate के तहत आपकी आयकर देनदारी शून्य हो सकती है, बशर्ते आप पात्रता की शर्तें पूरी करते हों।

3. Employer NPS Contribution

नियोक्ता द्वारा National Pension System (NPS) में किए गए योगदान पर अब बेसिक वेतन का 14% तक टैक्स छूट उपलब्ध है। कर्मचारी चाहें तो अपने HR विभाग से इस सुविधा के बारे में जानकारी ले सकते हैं।

4. Work Reimbursements

फोन, इंटरनेट और आधिकारिक यात्रा जैसे खर्चों का वास्तविक प्रतिपूर्ति (Reimbursement) टैक्स-फ्री रह सकती है, यदि यह वास्तविक खर्च के आधार पर दी गई हो और फिक्स्ड अलाउंस के रूप में न हो।

5. Let-out Property पर Home Loan Interest

यदि आपकी संपत्ति किराए पर दी गई है, तो उसके Home Loan Interest को किराये की आय के विरुद्ध समायोजित किया जा सकता है। हालांकि यह लाभ स्वयं के उपयोग वाली (Self-Occupied) संपत्ति पर लागू नहीं होता।

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