Singrauli News: गजराबहरा सीमांकन मामले पर प्रशासन का स्पष्टीकरण, अतिक्रमण हटाने की खबर को बताया भ्रामक

दैनिक भाष्कर की ख़बर भ्रामक और असत्य ! गजराबहरा गांव में कथित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर प्रकाशित खबर पर सिंगरौली प्रशासन ने स्पष्टीकरण जारी किया है।

UTN Hindi ।। Digital Team

Author | Updated: 21 Jun 2026, 10:06 AM IST | 1 min read
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सिंगरौली, 19 जून 2026। Singrauli जिले के ग्राम गजराबहरा में कथित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर प्रकाशित एक समाचार पर प्रशासन ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है।

नायब तहसीलदार, वृत्त खनुआ, तहसील सरई के अनुसार एक स्थानीय समाचार पत्र में प्रकाशित अतिक्रमण हटाने के विरोध में जान देने पेड़ पर चढ़ा युवक शीर्षक खबर तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। प्रशासन का कहना है कि मौके पर किसी प्रकार की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की जा रही थी।

Land Demarcation के लिए पहुंची थी राजस्व टीम

प्रशासन के अनुसार राजस्व विभाग की टीम न्यायालय के आदेश के पालन में ग्राम गजराबहरा स्थित खसरा नंबर 452/1/1/2 की Land Demarcation (सीमांकन) प्रक्रिया पूरी करने पहुंची थी।

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नायब तहसीलदार ने बताया कि संबंधित भूमि पूर्णतः निजी स्वामित्व की है तथा उसका विधिवत नामांतरण भी हो चुका है।

पहले भी हो चुका था सीमांकन का विरोध

प्रशासन के अनुसार पूर्व में भी इस भूमि के सीमांकन का विरोध किया गया था। इसी कारण इस बार चार सदस्यीय राजस्व टीम को पुलिस बल के साथ मौके पर भेजा गया था ताकि न्यायालयीन आदेश का पालन सुरक्षित तरीके से कराया जा सके।

युवक के पेड़ पर चढ़ने के बाद रोकी गई कार्रवाई

सीमांकन के दौरान मान सिंह गोंड नामक व्यक्ति ने विरोध स्वरूप पेड़ पर चढ़कर प्रदर्शन किया।

प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था और संबंधित व्यक्ति की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए Land Demarcation की कार्रवाई तत्काल रोक दी गई।

Bulldozer और वन भूमि संबंधी दावे को बताया निराधार

नायब तहसीलदार ने स्पष्ट किया है कि प्रकाशित समाचार में बुलडोजर चलाने तथा वन भूमि पर कार्रवाई किए जाने संबंधी जो दावे किए गए हैं, वे पूरी तरह निराधार एवं असत्य हैं।

प्रशासन के अनुसार घटनास्थल पर केवल न्यायालय के आदेश के तहत निजी भूमि का सीमांकन किया जा रहा था।

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