अयोध्या, उत्तर प्रदेश। Ayodhya के श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने राम मंदिर में प्राप्त दान के कथित गबन मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है, जब राम मंदिर में प्राप्त दान राशि के कथित गबन के मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है।
SIT जांच के बाद दर्ज हुई FIR
उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें प्रमुख रूप से—
- धारा 306
- धारा 316(5)
- धारा 317(4)
- धारा 317(5)
- धारा 61
- धारा 3(5)
के प्रावधान शामिल हैं।
एफआईआर में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, टीनू यादव, मनीष यादव और आदर्श समेत अन्य लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक पवन पांडे ने आरोप लगाया था कि राम मंदिर में प्राप्त चढ़ावे में 37 करोड़ से 37.5 करोड़ रुपये तक के कथित गबन की अनियमितता हुई है।
इन आरोपों के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 14 जून को तीन सदस्यीय Special Investigation Team (SIT) का गठन किया था।
जांच के आधार पर बाद में एफआईआर दर्ज की गई और पुलिस ने मामले में नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की।
महत्वपूर्ण: 37 करोड़ रुपये के कथित गबन का आरोप जांच के अधीन है। इसकी पुष्टि अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान
इस मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार “Zero Tolerance Policy” के तहत कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने कहा कि—
- यदि किसी के पास ठोस साक्ष्य हैं तो उन्हें SIT के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
- सरकार जांच में पूरी पारदर्शिता बरत रही है।
- किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
- बिना तथ्य के राजनीतिक आरोप लगाने से बचना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राम भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सरकार सख्त कार्रवाई करेगी और जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आएगी।
जांच अभी जारी
पुलिस और एसआईटी मामले से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड, दान की गिनती की प्रक्रिया तथा संबंधित कर्मचारियों और अन्य व्यक्तियों से पूछताछ कर रही है।
प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




















