सिंगरौली। जिले के चितरंगी विकासखंड की ग्राम पंचायत देवरी-1 में घासी, बेगा एवं अगरिया समाज के बच्चों के शिक्षा से वंचित रहने का गंभीर मामला सामने आया है। गांव के कई मासूम बच्चे आज भी स्कूलों से दूर हैं, तो कुछ का दाखिला होने के बावजूद वे नियमित रूप से विद्यालय नहीं पहुंच रहे हैं। इस समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी के युवा नेता संदीप कुमार प्रजापति ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर विशेष शैक्षणिक जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है।
शिक्षा के अधिकार के बावजूद आज भी कई बच्चे स्कूल की दहलीज तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। चितरंगी विकासखंड की ग्राम पंचायत देवरी-1 में घासी, बेगा एवं अगरिया समाज के बच्चों की शैक्षणिक स्थिति ने चिंता बढ़ा दी है। इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए आम आदमी पार्टी के युवा नेता संदीप कुमार प्रजापति ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर इन समुदायों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है। युवा नेता संदीप प्रजापति के मुताबिक, क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान सामने आया कि अकेले घासी समाज के करीब 60 से 70 बच्चे ऐसे हैं, जिनकी उम्र 5 से 8 वर्ष के बीच है और कई बच्चों का अब तक स्कूल में दाखिला नहीं हुआ है। जिन बच्चों का दाखिला हो चुका है, उनमें भी नियमित स्कूल जाने की स्थिति संतोषजनक नहीं है। बेगा एवं अगरिया समाज के बच्चों के बीच भी शिक्षा को लेकर ऐसी ही चुनौतियां सामने आई हैं।
उन्होंने इस स्थिति के पीछे आर्थिक तंगी, सामाजिक परिस्थितियों और शिक्षा के प्रति जागरूकता की कमी को प्रमुख वजह बताया। उनका कहना है कि यदि समय रहते इन बच्चों तक शिक्षा की पहुंच नहीं बनाई गई तो आने वाले समय में उनका भविष्य प्रभावित हो सकता है। कलेक्टर से मांग की गई है कि गांव में घर-घर सर्वे कराकर स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान की जाए, सभी पात्र बच्चों का दाखिला सुनिश्चित हो और स्कूल नहीं पहुंचने वाले बच्चों के अभिभावकों से संपर्क किया जाए। इसके साथ ही शिक्षा विभाग, शिक्षकों और जनजातीय कल्याण विभाग की संयुक्त टीम गठित कर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए।
Also Read
संदीप प्रजापति ने कहा कि गांव का कोई भी बच्चा गरीबी, सामाजिक परिस्थिति या जागरूकता के अभाव में शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए।



