Ramadan 2026 की शुरुआत 17–18 फरवरी के आसपास होने की उम्मीद है, और इस पवित्र महीने में रोज़ा रखने के साथ नमाज़, कुरान तिलावत और रोज़ाना जिम्मेदारियों के बीच बैलेंस बनाना हर मुसलमान के लिए जरूरी होता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक सही टाईम मैनेजमेंट से इबादत में फ़ोकस और दिमाग़ी सुकून दोनों हासिल की जा सकती हैं।

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सबसे अहम तरीका यह है कि नमाज़ के वक़्त को तरजीह दें और पूरे दिन का रूटीन उसी के मुताबिक बनाएं। टाईम टेबल में नमाज़ को पहले शामिल करने से बाकी काम खुदबखुद मैनेज हो जाते हैं और कोई भी इबादत छूटती नहीं है। इसके अलावा, सहरी से पहले उठने और रात में जल्दी सोने की आदत डालना बदन और दिमाग दोनों के लिए फायदेमंद होता है।
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एक्सपर्ट्स यह भी सलाह देते हैं कि दिन में एनर्जी बचाने के लिए जरूरी काम सुबह पूरे कर लें और शाम का वक़्त इबादत, दुआ और कुरान की तिलावत के लिए बचाकर रखें। छोटी नींद (पावर नैप) लेने से थकान कम होती है और इबादत में फ़ोकस बढ़ता है।
इसके अलावा, सहरी और इफ्तार की तैयारी पहले से करने से वक़्त की बचत होती है और शख्स ज़्यादा वक़्त इबादत में लगा सकता है। हाल की रिपोर्ट के मुताबिक, हफ्ते में एक बार खाने की तैयारी करने से रोज़ाना का तनाव कम होता है और रूहानी सरगरमियों के लिए काफ़ी वक़्त मिलता है।

इस प्रकार, सही प्लान, काफी नींद और नमाज़ को तरज़ीह देकर रमजान में वक़्त का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे यह महीना रूहानी तौर पर ज़्यादा कामयाब और बैलेंस्ड बनता है।





