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राघव चड्ढा विवाद : AAP ने राज्यसभा में बोलने से क्यों रोका? जानिए पूरी खबर

राघव चड्ढा को AAP द्वारा राज्यसभा में बोलने से रोकने पर सियासी विवाद गहराया। जानिए पूरा मामला, कारण और ताजा अपडेट।

ब्यूरो कार्यालय

Author | Updated: 03 Apr 2026, 11:51 AM IST | 1 min read
राघव चड्ढा विवाद : AAP ने राज्यसभा में बोलने से क्यों रोका? जानिए पूरी खबर
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Raghav Chadha को Aam Aadmi Party द्वारा राज्यसभा में उपनेता पद से हटाने और संसद में बोलने से रोकने के फैसले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। शुक्रवार सुबह चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो संदेश जारी कर इस कार्रवाई पर सवाल उठाए।

चड्ढा ने कहा, “जब भी मुझे संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं। क्या जनता की आवाज उठाना अपराध है? क्या मैंने कोई गलती की है?” उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय से उन्हें बोलने से रोकने के लिए कहा है।

यह घटनाक्रम गुरुवार को सामने आया, जब सूत्रों ने बताया कि पार्टी ने चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटा दिया है और उन्हें फ्लोर टाइम न देने का अनुरोध किया है। चड्ढा के करीबी सूत्रों का दावा है कि यह कदम उन्हें ‘चुप कराने’ के उद्देश्य से उठाया गया है।

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इस फैसले के बाद चड्ढा के राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। वह कभी पार्टी प्रमुख Arvind Kejriwal के करीबी और शीर्ष नेताओं में गिने जाते थे। हालांकि, पार्टी ने अब तक इस निर्णय के पीछे की आधिकारिक वजह स्पष्ट नहीं की है।

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सूत्रों के अनुसार, हाल के महीनों में चड्ढा की पार्टी गतिविधियों से दूरी और कथित तौर पर Manish Sisodia तथा केजरीवाल को मिली क्लीन चिट के मुद्दे पर उनकी चुप्पी भी चर्चा का विषय रही है।

इसके बावजूद, चड्ढा राज्यसभा में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने हवाई अड्डों पर महंगे खाने, गिग वर्कर्स के अधिकार और महानगरों में ट्रैफिक जाम जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। दिलचस्प बात यह है कि विवाद के कुछ घंटों बाद ही उन्होंने अपने संसदीय हस्तक्षेपों का एक वीडियो साझा किया, जिसमें पार्टी का कोई उल्लेख नहीं था।

37 वर्षीय चड्ढा 2012 में पार्टी की स्थापना के समय से ही जुड़े हुए हैं। India Against Corruption movement के दौरान उनकी मुलाकात केजरीवाल से हुई थी। इसके बाद उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और कोषाध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।

2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में उन्होंने राजेंद्र नगर सीट से जीत हासिल की और 2022 में पंजाब से राज्यसभा सदस्य बने। उनकी जगह अब पार्टी ने Ashok Mittal को उपनेता नियुक्त किया है, जबकि Sanjay Singh को सदन का नेता बरकरार रखा गया है।

इस पूरे घटनाक्रम ने AAP के भीतर संभावित मतभेदों और नेतृत्व शैली पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी इस विवाद को कैसे सुलझाती है और चड्ढा की भूमिका क्या रहती है।

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