भारत सरकार ने इंटरनेट और Digital Media Rules को अधिक सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। 30 मार्च 2026 को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने IT Rules 2021 में प्रस्तावित संशोधनों का ड्राफ्ट जारी किया है और सभी संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे हैं।
सरकार का उद्देश्य इंटरनेट यूजर्स के लिए एक सुरक्षित, भरोसेमंद और पारदर्शी डिजिटल वातावरण तैयार करना है।
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क्या हैं प्रस्तावित बदलाव ? (Main Updates)
Part II में अहम बदलाव
ड्राफ्ट के अनुसार, इंटरमीडियरी (जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म) को अब मंत्रालय द्वारा जारी किए गए सभी निर्देश, गाइडलाइन, SOP और एडवाइजरी का पालन करना अनिवार्य होगा।
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इसके साथ ही Rule 3(1)(g) और 3(1)(h) में यह स्पष्ट किया गया है कि डेटा रिटेंशन से जुड़े नियम अन्य कानूनों के तहत लागू दायित्वों को प्रभावित नहीं करेंगे।
Part III में सख्ती बढ़ेगी
डिजिटल मीडिया कंटेंट की निगरानी को और मजबूत करने के लिए Rule 8 में बदलाव प्रस्तावित है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि ये नियम इंटरमीडियरी और गैर-पब्लिशर यूजर्स द्वारा पोस्ट किए गए न्यूज़ कंटेंट पर भी लागू होंगे।
वहीं Rule 14 के तहत इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी की शक्तियों को बढ़ाया जाएगा, जिससे वह सिर्फ शिकायतों तक सीमित न रहकर मंत्रालय द्वारा भेजे गए मामलों पर भी कार्रवाई कर सकेगी।
कब तक दे सकते हैं सुझाव?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस ड्राफ्ट पर सुझाव और टिप्पणियां 14 अप्रैल 2026 तक ईमेल के माध्यम से भेजी जा सकती हैं।
दिलचस्प बात यह है कि सभी सुझाव गोपनीय (fiduciary) रूप से रखे जाएंगे, ताकि लोग बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी राय दे सकें।
- इन बदलावों का सीधा असर सोशल मीडिया यूजर्स, डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म और कंटेंट क्रिएटर्स पर पड़ेगा।जहां एक तरफ फेक न्यूज और गलत जानकारी पर रोक लगेगी, वहीं प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी।आप क्या सोंचते हैं, Digital Media Rules से क्या खत्म होने वाली है ऑनलाइन आजादी?





