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70,000 करोड़ का Biryani Tax Scam और AI !

An income tax investigation into three major Hyderabad-based biryani chains has revealed tampering with billing software. Preliminary investigations have suspected undisclosed income of ₹70,000 crore, and thousands of restaurants across the country are under scrutiny.

UTN Hindi ।। Digital Team

Author | Updated: 23 Feb 2026, 12:42 PM IST | 1 min read
70,000 करोड़ का Biryani Tax Scam और AI !
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Explainer : हैदराबाद की तीन लोकप्रिय बिरयानी चेन पर आयकर विभाग की जांच ने देश के खाद्य उद्योग में बड़े स्तर पर टैक्स चोरी की आशंका को उजागर किया है। अधिकारियों को बिलिंग सिस्टम में ऐसी तकनीकी गड़बड़ियां मिली हैं, जिनसे बिक्री के रिकॉर्ड को जानबूझकर हटाया जा सकता था। शुरुआती अनुमान के अनुसार, 2019-20 के बाद से लगभग 70,000 करोड़ रुपये की अघोषित कमाई छिपाई गई हो सकती है।

सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग की शहरी इकाई ने नवंबर 2025 में इन तीनों बिरयानी ब्रांडों से जुड़े 30 स्थानों पर छापेमारी की थी। इसमें रेस्तरां परिसरों के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारियों के आवास भी शामिल थे। छापे के दौरान जब्त डिजिटल रिकॉर्ड और यूपीआई लेनदेन के डेटा का AI के हेल्प से विश्लेषण करने पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले।

जांच के दौरान अधिकारियों ने एक विशेष पॉइंट ऑफ सेल (POS) सॉफ्टवेयर से लगभग 60 टेराबाइट बिलिंग डेटा का अध्ययन किया। इस डेटा में देशभर के 1.7 लाख से अधिक रेस्तरां आईडी शामिल थे। अधिकारियों को पता चला कि इस सॉफ्टवेयर में ‘बल्क डिलीट’ नाम का फीचर था, जिससे कई दिनों तक की बिक्री का रिकॉर्ड पूरी तरह हटाया जा सकता था।

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आयकर विभाग का मानना है कि इस फीचर का इस्तेमाल करके बिक्री के आंकड़ों को कम दिखाया गया और टैक्स देनदारी से बचने की कोशिश की गई। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में ही लगभग 5,000 करोड़ रुपये की अघोषित बिक्री सामने आने की संभावना है।

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फिलहाल आयकर विभाग ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। अधिकारी हटाए गए डेटा को फिर से इकट्ठा करने और पूरी जांच के बाद संबंधित कंपनियों पर टैक्स, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहे हैं। यह मामला पूरे देश के रेस्तरां उद्योग के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत माना जा रहा है।

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