अगर आपका कोई बैंक अकाउंट कई वर्षों से इस्तेमाल नहीं हुआ है और उसमें अभी भी पैसा जमा है, तो उसे लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। ऐसा अकाउंट अक्सर डॉर्मेंट (Dormant) या इनऑपरेटिव (Inoperative) श्रेणी में चला जाता है, लेकिन इसे दोबारा सक्रिय (Reactivate) कराया जा सकता है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार, यदि किसी बचत या चालू खाते में लगातार 2 वर्षों तक ग्राहक द्वारा कोई लेन-देन नहीं किया जाता, तो बैंक उसे Inoperative/Dormant Account घोषित कर सकता है।
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क्या आपका पैसा सुरक्षित रहता है?
हाँ। यदि अकाउंट डॉर्मेंट हो जाता है, तब भी उसमें जमा राशि आपकी ही रहती है।
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हालांकि, यदि 10 वर्ष या उससे अधिक समय तक खाते में कोई दावा या संचालन नहीं होता, तो बैंक उस राशि को RBI के Depositor Education and Awareness (DEA) Fund में ट्रांसफर कर सकता है। इसके बाद भी वास्तविक खाताधारक, नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी उस राशि पर दावा कर सकते हैं।

डॉर्मेंट बैंक अकाउंट दोबारा कैसे चालू करें?
अधिकांश बैंकों में प्रक्रिया लगभग समान होती है।
1. बैंक शाखा जाएं
अपने बैंक की किसी शाखा (कई मामलों में नॉन-होम ब्रांच भी) में जाएं। RBI ने बैंकों को ऐसी सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
2. KYC अपडेट कराएं
बैंक आपको KYC अपडेट करने के लिए कह सकता है।
आमतौर पर ये दस्तावेज मांगे जाते हैं
- आधार कार्ड
- PAN कार्ड
- पासपोर्ट/वोटर आईडी (यदि आवश्यक)
- नवीनतम पता प्रमाण
- पासबुक या अकाउंट नंबर
3. Reactivation Form भरें
बैंक द्वारा दिया गया अकाउंट रिएक्टिवेशन फॉर्म भरकर जमा करें।
4. सत्यापन के बाद अकाउंट चालू
दस्तावेजों का सत्यापन होने के बाद बैंक आपका अकाउंट दोबारा सक्रिय कर देता है।
अब KYC अपडेट करना हुआ आसान
RBI ने 2025 में नियमों में बदलाव करते हुए बैंकों को निर्देश दिया कि डॉर्मेंट खातों के लिए KYC अपडेट की सुविधा किसी भी शाखा में Video KYC (V-CIP) के माध्यम से, और अधिकृत बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट (BC) के जरिए उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाए।
क्या बैंक कोई शुल्क ले सकता है?
अकाउंट को दोबारा सक्रिय करने के लिए सामान्यतः अलग से रिएक्टिवेशन शुल्क नहीं लिया जाता। हालांकि, अलग-अलग बैंकों के अपने नियम हो सकते हैं। यदि किसी शुल्क को लेकर विवाद हो, तो संबंधित बैंक की नीति और RBI के दिशा-निर्देश देखें।
अगर 10 साल से ज्यादा हो गए हों तो क्या करें?
यदि आपका अकाउंट 10 साल या उससे अधिक समय से निष्क्रिय है और राशि DEA Fund में चली गई है, तब भी आप या आपके नॉमिनी उस राशि का दावा कर सकते हैं।
इसके अलावा, RBI का UDGAM Portal भी कई बैंकों में अनक्लेम्ड डिपॉजिट खोजने में मदद करता है।

इन बातों का रखें ध्यान
- अपने सभी बैंक खातों की समय-समय पर जांच करें।
- मोबाइल नंबर और ईमेल अपडेट रखें।
- KYC समय पर अपडेट कराएं।
- जिन खातों का उपयोग नहीं करते, उन्हें बंद कराने पर विचार करें।
- नॉमिनी जरूर जोड़ें।
मुख्य बातें
- 2 साल तक कोई ग्राहक-प्रेरित लेन-देन न होने पर खाता डॉर्मेंट हो सकता है।
- डॉर्मेंट होने पर भी आपका पैसा सुरक्षित रहता है।
- KYC अपडेट कराकर अकाउंट दोबारा सक्रिय कराया जा सकता है।
- 10 साल बाद राशि DEA Fund में जा सकती है, लेकिन उस पर दावा किया जा सकता है।
- UDGAM Portal के जरिए अनक्लेम्ड जमा राशि की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है।



