अगर आपके पास होम लोन चल रहा है और साथ ही आप SIP में निवेश भी कर रहे हैं, तो क्या पहले लोन खत्म करना बेहतर है या निवेश जारी रखना चाहिए? इसका जवाब सभी के लिए एक जैसा नहीं है। यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपके लोन की वास्तविक लागत कितनी है और निवेश से मिलने वाले संभावित रिटर्न कितने विश्वसनीय हैं। सही निर्णय लेने से पहले आपातकालीन फंड और टैक्स लाभ जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देना जरूरी है।
आज के समय में कई लोग एक तरफ होम लोन की EMI भरते हैं और दूसरी तरफ SIP (Systematic Investment Plan) के माध्यम से निवेश भी करते हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या SIP बंद करके पहले लोन चुका देना चाहिए या निवेश जारी रखना चाहिए।
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वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार इसका कोई एक निश्चित जवाब नहीं है। सही निर्णय लेने के लिए सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि आपके लोन की लागत (Loan Cost) कितनी है और आपके निवेश से मिलने वाला संभावित रिटर्न कितना है।
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कब पहले लोन चुकाना बेहतर विकल्प हो सकता है?
यदि आपके ऊपर बहुत अधिक ब्याज वाला कर्ज है, जैसे कि क्रेडिट कार्ड का बकाया, तो उसे जल्द से जल्द चुकाना अधिक समझदारी माना जाता है।
मान लीजिए 28 वर्षीय रवि पर ₹2 लाख का क्रेडिट कार्ड बकाया है, जिस पर लगभग 40% वार्षिक ब्याज लग रहा है।
- इतनी ऊंची ब्याज दर लगातार बढ़ती रहती है।
- कोई भी सामान्य निवेश लंबे समय तक 40% का सुनिश्चित रिटर्न नहीं दे सकता।
- ऐसी स्थिति में SIP को कुछ समय के लिए रोककर पहले महंगा कर्ज चुकाना वित्तीय रूप से बेहतर माना जाता है।
कब SIP जारी रखना फायदेमंद हो सकता है?
यदि आपके पास कम ब्याज दर वाला होम लोन है और साथ ही आप नियमित रूप से SIP में निवेश कर रहे हैं, तो स्थिति अलग हो सकती है।
उदाहरण
32 वर्षीय प्रिया के पास
- ₹40 लाख का होम लोन
- ब्याज दर लगभग 8.5%
- नियमित SIP निवेश
ऐसे मामलों में
- होम लोन की प्री-पेमेंट करने से लगभग 8.5% का निश्चित लाभ मिलता है।
- वहीं इक्विटी आधारित निवेशों ने लंबे समय में ऐतिहासिक रूप से लगभग 12% वार्षिक रिटर्न दिया है। हालांकि भविष्य में ऐसा रिटर्न सुनिश्चित नहीं होता।
- यदि होम लोन पर आयकर लाभ (Tax Deduction) भी मिल रहा है, तो लोन की वास्तविक लागत और कम हो सकती है।
ऐसी स्थिति में कई वित्तीय योजनाकार SIP जारी रखने और नियमित EMI भरने की सलाह देते हैं।
ऐसे निर्णय ले !
वित्तीय योजना बनाते समय एक सामान्य सिद्धांत अपनाया जा सकता है
- यदि लोन की लागत आपके संभावित और विश्वसनीय निवेश रिटर्न से अधिक है, तो पहले लोन चुकाना बेहतर हो सकता है।
- यदि लोन की लागत निवेश से मिलने वाले संभावित दीर्घकालिक रिटर्न से कम है, तो निवेश जारी रखना लाभदायक हो सकता है।
आपातकालीन फंड बनाना जरूरी क्यों ?
विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी निवेश या अतिरिक्त लोन प्री-पेमेंट से पहले कम से कम 3 से 6 महीने के खर्च के बराबर Emergency Fund तैयार रखना चाहिए।
इससे नौकरी जाने, बीमारी या अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में वित्तीय दबाव कम रहता है।
मानसिक शांति भी है एक महत्वपूर्ण पहलू
वित्तीय गणनाओं के अलावा व्यक्तिगत मानसिक संतुष्टि भी महत्वपूर्ण होती है। कुछ लोग कर्ज-मुक्त जीवन को प्राथमिकता देते हैं। यदि लोन समाप्त करने से आपको मानसिक शांति मिलती है, तो यह भी एक उचित व्यक्तिगत निर्णय हो सकता है, बशर्ते आपकी समग्र वित्तीय स्थिति संतुलित रहे।



