Senior Citizens Savings Scheme : सीनियर सिटीजन्स के लिए शानदार निवेश विकल्प, 8.2% ब्याज के साथ मिलेगी नियमित आय

रिटायरमेंट के बाद नियमित आय और सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे वरिष्ठ नागरिकों के लिए Senior Citizens Savings Scheme (SCSS) एक लोकप्रिय विकल्प बनी हुई है। सरकार समर्थित इस योजना में फिलहाल 8.2% वार्षिक ब्याज मिल रहा है। साथ ही निवेशकों को तिमाही आधार पर ब्याज भुगतान और आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स लाभ भी मिलता है।

नौशाबा अंजुम

Author | Updated: 07 Jun 2026, 06:03 AM IST | 1 min read
Senior Citizens Savings Scheme (SCSS)
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रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा बनाए रखना हर वरिष्ठ नागरिक की प्राथमिकता होती है। ऐसे में Senior Citizens Savings Scheme (SCSS) एक ऐसा निवेश विकल्प है, जो सुरक्षित रिटर्न, नियमित आय और टैक्स लाभ तीनों सुविधाएं प्रदान करता है।

भारत सरकार समर्थित यह योजना विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए तैयार की गई है और वर्तमान में यह देश की सबसे आकर्षक लघु बचत योजनाओं में से एक मानी जाती है।

रिटायरमेंट के बाद नियमित आय और सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे वरिष्ठ नागरिकों के लिए Senior Citizens Savings Scheme (SCSS) एक लोकप्रिय विकल्प बनी हुई है। सरकार समर्थित इस योजना में फिलहाल 8.2% वार्षिक ब्याज मिल रहा है। साथ ही निवेशकों को तिमाही आधार पर ब्याज भुगतान और आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स लाभ भी मिलता है।

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कौन खोल सकता है SCSS खाता?

SCSS में निवेश के लिए निम्नलिखित लोग पात्र हैं:

  • 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक।
  • 55 से 60 वर्ष की आयु के वे व्यक्ति जिन्होंने VRS, सुपरएनुएशन या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना के तहत नौकरी छोड़ी हो और सेवानिवृत्ति लाभ मिलने के एक महीने के भीतर खाता खोलें।
  • 50 वर्ष या उससे अधिक आयु के सेवानिवृत्त रक्षा कर्मी (कुछ शर्तों के साथ)।

निवेशक एक से अधिक SCSS खाते खोल सकते हैं। हालांकि संयुक्त खाता केवल पति या पत्नी के साथ ही खोला जा सकता है।

SCSS Interest Rate : कितना मिलता है ब्याज?

वर्तमान में Senior Citizens Savings Scheme Interest Rate 8.2% प्रतिवर्ष है।

यह ब्याज तिमाही आधार पर सीधे निवेशक के खाते में जमा किया जाता है, जिससे वरिष्ठ नागरिकों को नियमित आय प्राप्त होती रहती है।

SCSS के प्रमुख फायदे

1. सरकारी गारंटी

यह योजना भारत सरकार द्वारा समर्थित है, इसलिए निवेश और रिटर्न दोनों को सुरक्षित माना जाता है।

2. नियमित आय

तिमाही आधार पर ब्याज भुगतान होने से पेंशन के अलावा अतिरिक्त आय का स्रोत मिलता है।

3. आकर्षक ब्याज दर

8.2% ब्याज दर इसे कई पारंपरिक निवेश विकल्पों से अधिक आकर्षक बनाती है।

4. लंबी अवधि का निवेश

SCSS की अवधि 5 वर्ष होती है, जिसे एक बार अतिरिक्त 3 वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकता है।

कितना निवेश कर सकते हैं?

  • न्यूनतम निवेश: ₹1,000
  • अधिकतम निवेश: ₹30 लाख
  • निवेश ₹1,000 के गुणकों में किया जा सकता है।

₹1 लाख तक का निवेश नकद किया जा सकता है, जबकि इससे अधिक राशि चेक या अन्य बैंकिंग माध्यमों से जमा करनी होगी।

Tax Benefits : टैक्स में भी मिलेगी राहत

SCSS में निवेश करने पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत एक वित्तीय वर्ष में ₹1.5 लाख तक की कर छूट का लाभ मिल सकता है।

हालांकि यदि SCSS खाते से प्राप्त वार्षिक ब्याज ₹1 लाख से अधिक हो जाता है तो TDS लागू होगा।

नामांकन और ट्रांसफर की सुविधा

खाता धारक कभी भी

  • नामांकन जोड़ सकते हैं।
  • नामांकित व्यक्ति बदल सकते हैं।
  • नामांकन हटा सकते हैं।

इसके अलावा SCSS खाता अधिकृत बैंक और डाकघर के बीच स्थानांतरित भी किया जा सकता है।

SCSS खाता कब बंद किया जा सकता है?

SCSS खाते की मूल अवधि 5 वर्ष होती है। अवधि पूरी होने पर निवेशक जमा राशि और अर्जित ब्याज प्राप्त कर सकता है।

यदि खाता 3 वर्षों के लिए बढ़ाया गया है, तो भुगतान विस्तारित अवधि पूरी होने के बाद मिलेगा।

खाता बंद होने के बाद निवेशक वर्तमान निवेश सीमा के अनुसार नया SCSS खाता भी खोल सकता है।

खाताधारक की मृत्यु होने पर क्या होगा?

यदि खाताधारक का निधन हो जाता है, तो मृत्यु की तारीख के अगले दिन से खाते पर डाकघर बचत खाते के लागू ब्याज दर के अनुसार ब्याज मिलेगा।

इसके बाद नामांकित व्यक्ति या कानूनी उत्तराधिकारी खाता बंद कर राशि प्राप्त कर सकते हैं।

Senior Citizens Savings Scheme भारत सरकार की सबसे लोकप्रिय लघु बचत योजनाओं में से एक है। इसे वरिष्ठ नागरिकों को रिटायरमेंट के बाद सुरक्षित और नियमित आय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। बढ़ती महंगाई और बाजार की अनिश्चितताओं के बीच यह योजना आज भी लाखों वरिष्ठ नागरिकों की पहली पसंद बनी हुई है।

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