Rapido ने कैसे पलट दिया खेल ? Ola से सीखिए निवेश की सबसे बड़ी सीख

By: नौशाबा अंजुम

On: Wednesday, June 10, 2026 5:23 PM

एक समय Ola बाजार की सबसे बड़ी कैब कंपनी थी, लेकिन Rapido ने कुछ ही वर्षों में तस्वीर बदल दी।
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एक समय Ola की वैल्यूएशन Rapido से कई गुना ज्यादा थी, लेकिन 2026 में तस्वीर बदल गई। जानिए Rapido vs Ola की कहानी और निवेशकों के लिए इसमें छिपा बड़ा सबक।

कुछ साल पहले तक भारतीय कैब एग्रीगेटर बाजार में Ola का दबदबा था, जबकि Rapido एक छोटा खिलाड़ी माना जाता था। लेकिन 2026 तक हालात पूरी तरह बदल गए। जहां Rapido की वैल्यूएशन बढ़कर 3 अरब डॉलर पहुंच गई, वहीं Ola की वैल्यूएशन में भारी गिरावट दर्ज की गई। यह बदलाव निवेशकों को पोर्टफोलियो विविधीकरण (Diversification) का महत्वपूर्ण सबक देता है।

Ola से Rapido तक : कैसे बदल गया पूरा खेल?

कुछ साल पहले तक भारत में ऑनलाइन कैब बुकिंग का मतलब लगभग Ola माना जाता था। अधिकांश लोग यात्रा के लिए Ola का इस्तेमाल करते थे और कंपनी तेजी से विस्तार कर रही थी।

लेकिन समय के साथ बाजार की तस्वीर बदल गई। आज कई शहरों में बड़ी संख्या में ग्राहक और ड्राइवर Rapido को प्राथमिकता दे रहे हैं।

चौंकाने वाले वैल्यूएशन आंकड़े

वर्ष 2018

  • Rapido Valuation: लगभग 70 मिलियन डॉलर
  • Ola Valuation: लगभग 4 बिलियन डॉलर

वर्ष 2026

  • Rapido Valuation: लगभग 3 बिलियन डॉलर
  • Ola Valuation: लगभग 70 मिलियन डॉलर (विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार कंपनी के मूल्यांकन में भारी गिरावट दर्ज की गई है)

इन आंकड़ों से साफ है कि दोनों कंपनियों की स्थिति लगभग उलट गई है।

उद्योग बढ़ा, लेकिन विजेता बदल गया

सबसे दिलचस्प बात यह है कि कैब और मोबिलिटी सेक्टर का बाजार लगातार बढ़ता रहा। लोगों की यात्रा की जरूरतें बढ़ीं और ऑनलाइन बुकिंग का चलन भी मजबूत हुआ।

फिर भी, पूरे सेक्टर की वृद्धि का लाभ सभी कंपनियों को समान रूप से नहीं मिला।

Rapido ने नए बिजनेस मॉडल, बाइक टैक्सी, ऑटो सेवाओं और आक्रामक विस्तार रणनीति के जरिए तेजी से बाजार हिस्सेदारी बढ़ाई, जबकि Ola को बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कारोबारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

निवेशकों के लिए बड़ा सबक

मान लीजिए कि 2018 में किसी निवेशक ने केवल Ola पर भरोसा करके अपना पूरा पैसा लगा दिया होता।

ऐसी स्थिति में उसके निवेश का मूल्य काफी कम हो सकता था।

यहीं से निवेश का सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत सामने आता है:

Diversification यानी विविधीकरण

सफल निवेशक आमतौर पर अपना पूरा पैसा किसी एक कंपनी या एक शेयर में नहीं लगाते।

वे अपने निवेश को विभिन्न कंपनियों, सेक्टरों और परिसंपत्तियों में बांटते हैं ताकि किसी एक कंपनी के खराब प्रदर्शन का असर पूरे पोर्टफोलियो पर न पड़े।

“एक शेयर नहीं, पूरे बाजार पर दांव”

वित्तीय विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि आम निवेशकों के लिए इंडेक्स फंड और व्यापक बाजार आधारित निवेश बेहतर विकल्प हो सकते हैं।

कारण सरल है:

  • कोई नहीं जानता कि अगला Rapido कौन होगा।
  • कोई नहीं जानता कि अगला Ola कब पीछे छूट जाएगा।
  • लेकिन लंबी अवधि में बाजार की समग्र वृद्धि का फायदा निवेशकों को मिल सकता है।

नौशाबा अंजुम

नौशाबा अंजुम एक अनुभवी बिज़नेस और फाइनेंस जर्नलिस्ट हैं। उन्हें पर्सनल फाइनेंस, निवेश, स्टार्टअप और आर्थिक नीतियों पर लिखने का गहरा अनुभव है। उनकी लेखनी सरल, तथ्यात्मक और पाठकों को सही वित्तीय निर्णय लेने में मदद करने वाली होती है।
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