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छिंदवाड़ा में 9 बच्चों की मौत के बाद Coldrif कफ सिरप बैन

Rakesh Kumar Vishwakarma

Author | Updated: 04 Oct 2025, 10:00 PM IST | 1 min read
छिंदवाड़ा में 9 बच्चों की मौत के बाद Coldrif कफ सिरप बैन
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मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में 9 बच्चों की मौत के बाद राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने Coldrif कफ सिरप की बिक्री पर पूरे प्रदेश में रोक लगाने का आदेश दिया है। इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है।

छिंदवाड़ा में 9 बच्चों की मौत के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने Coldrif कफ सिरप पर प्रदेशभर में बैन लगाया। जांच में DEG की मात्रा अनुमेय सीमा से ज्यादा पाई गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है। सिरप की वजह से बच्चों की मौत हुई है। इसलिए पूरे मध्य प्रदेश में इसकी बिक्री तुरंत बंद कर दी गई है। उन्होंने बताया कि इस सिरप का उत्पादन तमिलनाडु के कांचीपुरम में स्थित एक फैक्ट्री में होता है।

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कंपनी और उसके उत्पादों की जांच

सरकार ने सिरप बनाने वाली कंपनी और उसके सभी उत्पादों की जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की मौत के जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई

सीएम ने बताया कि घटना के बाद तमिलनाडु सरकार से जांच रिपोर्ट मांगी गई थी। आज सुबह रिपोर्ट आई। रिपोर्ट में सिरप के नमूनों में खतरनाक रसायन DEG की मात्रा अनुमेय सीमा से ज्यादा पाई गई। इसी आधार पर कार्रवाई की गई।

स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर जांच

स्थानीय स्तर पर पहले से ही जांच चल रही थी। अब राज्य स्तर पर भी विशेष टीम बनाई गई है। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी जानकारी दी है कि कई नमूने DEG/EG से मुक्त पाए गए। लेकिन तमिलनाडु FDA की रिपोर्ट में सिरप असुरक्षित साबित हुआ।

6 राज्यों में हो रही जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए देशभर में 19 दवा कंपनियों की जांच की जा रही है। यह “Risk-Based Inspection” के तहत की जा रही है। छिंदवाड़ा और आसपास के इलाकों में NIV, ICMR, NEERI, CDSCO और AIIMS नागपुर की टीमें पहुंच चुकी हैं। ये विशेषज्ञ असली कारणों की जांच कर रहे हैं।

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