केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बताया है कि री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन पोर्टल शुरू होने के पहले ही दिन बड़े पैमाने पर साइबर हमलों की कोशिशें की गईं। बोर्ड के अनुसार, पोर्टल को बाधित करने के उद्देश्य से डिनायल ऑफ सर्विस (DoS) अटैक किया गया, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के चलते सेवाएं प्रभावित नहीं हुईं।
2 मिनट में 15 लाख हिट्स
CBSE द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, सबसे हालिया साइबर हमले में पोर्टल पर मात्र दो मिनट के भीतर लगभग 15 लाख हिट्स दर्ज की गईं। इसके अलावा सिस्टम में मौजूद फाइलों तक अनधिकृत पहुंच बनाने के लिए 1 लाख से अधिक प्रयास किए गए।
बोर्ड ने कहा कि हजारों छात्र जब पोर्टल का उपयोग कर रहे थे, उसी दौरान कुछ दुर्भावनापूर्ण तत्व सेवाओं को बाधित करने का प्रयास कर रहे थे।
साइबर हमलों के बावजूद पोर्टल रहा चालू
CBSE के मुताबिक, सुबह 7 बजे से पोर्टल सामान्य रूप से कार्य करता रहा। भारी ट्रैफिक के बावजूद तकनीकी टीमों ने सिस्टम को सुचारू बनाए रखा।
बोर्ड ने बताया कि पोर्टल एक समय में 8,000 से अधिक उपयोगकर्ताओं को सपोर्ट कर रहा था और दोपहर 3 बजे तक 18,000 से अधिक छात्रों के री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन आवेदन सफलतापूर्वक जमा हो चुके थे।
Update from our Cybersecurity Teams:
The CBSE revaluation portal is currently supporting over 8,000 concurrent users. As of 3:00 PM today, more than 16,000 students have successfully completed their submissions.
While thousands of students accessed the CBSE re-evaluation portal…
— CBSE HQ (@cbseindia29) June 2, 2026
छात्रों की शिकायतों के बाद किए गए बदलाव
CBSE ने यह भी जानकारी दी कि छात्रों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर पोर्टल में कई सुधार किए गए हैं। आवेदन प्रक्रिया को अधिक आसान बनाने के लिए सेशन टाइम लिमिट बढ़ाई गई है ताकि छात्र बिना किसी जल्दबाजी के आवेदन कर सकें।
इसके अलावा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पोर्टल लॉगिन में आधार सत्यापन (Aadhaar Verification) की सुविधा भी जोड़ी गई है।
OSM विवाद के बीच बढ़ी संवेदनशीलता
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर देशभर में बहस चल रही है। कई छात्र संगठनों और अभिभावकों ने मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित तकनीकी खामियों और पारदर्शिता के मुद्दे उठाए हैं।
इसी बीच री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया शुरू होते ही पोर्टल पर साइबर हमलों की खबर ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।








