भारतीय सिनेमा और संगीत जगत के लिए आज का दिन बेहद दुखद रहा। महान पार्श्व गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के चलते भर्ती कराया गया था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, आशा भोसले पिछले कुछ दिनों से थकान और छाती के संक्रमण से जूझ रही थीं। बाद में उनकी स्थिति गंभीर हो गई और उन्हें ICU में रखा गया। डॉक्टरों के मुताबिक, उनके निधन का कारण मल्टी-ऑर्गन फेल्योर और कार्डियक जटिलताएं बताई जा रही हैं।
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70 वर्षों से अधिक का शानदार करियर
आशा भोसले भारतीय संगीत की सबसे बहुमुखी आवाज़ों में से एक थीं। उनका करियर करीब 7 दशकों से भी अधिक समय तक चला, जिसमें उन्होंने 12,000 से अधिक गीतों को अपनी आवाज दी।
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उन्होंने हिंदी के अलावा मराठी, बंगाली, गुजराती, तमिल सहित कई भाषाओं में गाने गाए। उनके गीतों में रोमांटिक, ग़ज़ल, पॉप और कैबरे जैसे विविध शैलियों की झलक मिलती थी।
उनकी बहन लता मंगेशकर के साथ मिलकर उन्होंने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। आशा भोसले को पद्म विभूषण सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था।
देशभर में शोक, अंतिम संस्कार आज
आशा भोसले के निधन की खबर सामने आते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। फिल्म और संगीत जगत की कई हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
सूत्रों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार मुंबई के शिवाजी पार्क में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेताओं और कलाकारों ने उनके योगदान को याद करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया है।
एक युग का अंत
आशा भोसले का निधन केवल एक कलाकार का जाना नहीं, बल्कि भारतीय संगीत के स्वर्णिम युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है। उनकी आवाज़ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।
उनके गीत आज भी करोड़ों लोगों के दिलों में जीवित हैं और हमेशा रहेंगे।



