Reliance Sasan Power Plant : सिंगरौली जिले के हर्रहवा (सिद्धीखुर्द) क्षेत्र में स्थित रिलायंस सासन पावर लिमिटेड का राखड़ (ऐश) बांध एक बार फिर खतरे के निशान पर पहुंच गया है। लगातार ओवरफ्लो होने के कारण बांध से निकल रहा जहरीला राखयुक्त मलबा आसपास के ग्रामीण इलाकों और खेतों में फैलने लगा है।
इस स्थिति से स्थानीय किसानों की फसलें बर्बाद होने की आशंका बढ़ गई है, वहीं ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल है।
Also Read
खेतों तक पहुंचा जहरीला मलबा
स्थानीय लोगों के अनुसार, बांध से बह रहा राखयुक्त पानी सीधे खेतों में पहुंच रहा है। इससे:
Read Today's E-Magazine
Swipe through the complete digital edition of Urjanchal Tiger right on your screen.
- खड़ी फसलों को भारी नुकसान
- जमीन की उर्वरता प्रभावित होने का खतरा
- पशुओं और जल स्रोतों पर असर
ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्थिति जल्द नहीं संभाली गई, तो यह एक बड़ी आपदा का रूप ले सकती है।
प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
लगातार ओवरफ्लो की घटनाओं ने रिलायंस सासन प्रबंधन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि:
- समय रहते पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए गए
- चेतावनी और नियंत्रण व्यवस्था कमजोर है
- शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया गया
2020 का दर्दनाक हादसा आज भी ताजा
हर्रहवा का यह ऐश डैम पहले भी बड़ी तबाही का कारण बन चुका है।
10 अप्रैल 2020 को सासन अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट का यही राखड़ बांध अचानक टूट गया था।
उस हादसे में:
- करीब 6 लोगों की मौत हुई थी
- कई कच्चे मकान ढह गए थे
- सैकड़ों एकड़ जमीन और फसलें राख में दबकर नष्ट हो गई थीं
यह घटना आज भी स्थानीय लोगों के लिए एक भयावह याद बनी हुई है।


