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33 फीसदी महिला आरक्षण पर 100 % सियासत ?

Shabana Parveen

Editor | Updated: 19 Apr 2026, 08:00 AM IST | 1 min read
33 फीसदी महिला आरक्षण पर 100 % सियासत !
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लोकसभा में शुक्रवार को महिला आरक्षण कानून से जुड़े संविधान (131वां संशोधन) बिल पर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। वोटिंग के बाद यह बिल गिर गया, जिससे केंद्र सरकार को झटका लगा है। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।

महिला आरक्षण कानून और पक्ष विपक्ष !

महिला आरक्षण कानून 2023 के तहत संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रावधान पहले ही लागू किया जा चुका है।

हालांकि, सरकार इस आरक्षण को डीलिमिटेशन (परिसीमन) के आधार पर लागू करना चाहती थी। इसी उद्देश्य से 131वां संविधान संशोधन बिल 2026 पेश किया गया था।

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वोटिंग के दौरान बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि विरोध में 230 वोट मिले। लेकिन दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण यह बिल पारित नहीं हो सका।

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सरकार और विपक्ष के बीच टकराव

गृह मंत्री Amit Shah ने विपक्ष पर महिला आरक्षण का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष लागू करने के तरीके को लेकर बहाने बना रहा है।

वहीं, विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने इस बिल को “चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश” बताया। उनका कहना था कि यह एससी, एसटी और ओबीसी के अधिकारों को प्रभावित कर सकता है।

डीलिमिटेशन पर विवाद क्यों ?

विपक्ष का मुख्य तर्क है कि महिला आरक्षण मौजूदा 543 सीटों पर ही लागू होना चाहिए, न कि भविष्य में बढ़ाई जाने वाली सीटों पर।

दक्षिण भारत के कई नेताओं ने आशंका जताई है कि डीलिमिटेशन से उनके राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो सकता है।

कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने इसे संघीय ढांचे के लिए चुनौती बताया, जबकि डीएमके समेत कई दलों ने इसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बताया।

संसद में हंगामा और तीखी बयानबाजी

बहस के दौरान कई तीखे बयान भी सामने आए। राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री को “जादूगर” कहने पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया।

रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और माफी की मांग की। वहीं संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने बयान को अनुचित बताया।

FAQ महिला आरक्षण पर पूछे जाने वाले सवाल ?

Q1. 131वां संविधान संशोधन बिल क्यों गिरा?
दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण बिल पारित नहीं हो सका।

Q2. क्या महिला आरक्षण कानून लागू है?
हाँ, महिला आरक्षण अधिनियम 2023 लागू हो चुका है।

Q3. विवाद का मुख्य कारण क्या है?
डीलिमिटेशन के आधार पर आरक्षण लागू करने को लेकर विवाद है।

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