नई दिल्ली। Supreme Court of India ने छात्र प्रदर्शन से जुड़े मामलों में बड़ा फैसला सुनाते हुए 20 से 25 जुलाई के बीच दर्ज सभी FIR को रद्द करने का आदेश दिया है। इस फैसले से देशभर के छात्र प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत मिली है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड गंभीर है, उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। इसके अलावा, दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों के खिलाफ एक FIR जारी रखने की अनुमति दी गई है।
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केंद्र के आश्वासन के बाद फैसला
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि दिल्ली पुलिस सहित कई राज्यों ने FIR वापस लेने के लिए आवेदन दाखिल कर दिए हैं। साथ ही भविष्य में इस मामले से जुड़े नए केस दर्ज नहीं करने का आश्वासन भी दिया गया।
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CJP ने वापस लिया मार्च
इस फैसले के बाद Cockroach Janata Party (CJP) ने 5 सितंबर को प्रस्तावित दिल्ली मार्च को वापस लेने का ऐलान किया है। संगठन के प्रवक्ता ने कोर्ट के फैसले और केंद्र के रुख का स्वागत किया।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि आपसी संवाद और भरोसे से इस तरह के विवादों को सुलझाया जा सकता है। केंद्र ने भी इस मुद्दे पर सकारात्मक रुख अपनाने की बात कही।
मुआवजे पर कोर्ट ने क्या दिया निर्देश?
कोर्ट ने केंद्र सरकार को NEET-UG 2026 परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों के लिए मुआवजा योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए तीन महीने का समय दिया गया है।





