सिंगरौली जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कर्थुआ में पदस्थ एक फार्मासिस्ट का एक दिन का वेतन काटा गया है, जबकि तीन स्वास्थ्यकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कार्रवाई औचक निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों के अनुपस्थित पाए जाने और ड्रेस कोड उल्लंघन के मामले में की गई।
जिला प्रशासन का सख्त संदेश
सिंगरौली जिला प्रशासन ने शासकीय कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता और बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।
कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने विकासखंड चितरंगी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कर्थुआ में पदस्थ कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
फार्मासिस्ट का एक दिन का वेतन काटा गया
औचक निरीक्षण के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कर्थुआ में पदस्थ फार्मासिस्ट अनुराग द्विवेदी बिना स्वीकृत अवकाश के ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए।
इस पर स्वास्थ्य विभाग ने उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करते हुए एक दिन का वेतन काटने का आदेश जारी किया है।
तीन स्वास्थ्यकर्मियों को कारण बताओ नोटिस
निरीक्षण के दौरान नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती प्रमिला सिंह तथा एएनएम उप स्वास्थ्य केंद्र घोघरा की श्रीमती अनुभा मिश्रा भी बिना सूचना के अपने कार्यस्थल से अनुपस्थित पाई गईं।
वहीं नर्सिंग ऑफिसर अंजली गुप्ता ड्यूटी के दौरान निर्धारित ड्रेस कोड में नहीं मिलीं।
इन सभी मामलों को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
औचक निरीक्षण में सामने आईं अनियमितताएं
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर गौरव बैनल द्वारा 13 मई 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।
इसी के तहत जिला कार्यक्रम प्रबंधक द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कर्थुआ का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान तीन कर्मचारी बिना पूर्व सूचना या स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित पाए गए, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की बात सामने आई।
ड्रेस कोड उल्लंघन को भी माना गया गंभीर मामला
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि ड्यूटी के दौरान निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करना सभी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य है।
अधिकारियों ने बताया कि शासन द्वारा कर्मचारियों को पोशाक भत्ता भी प्रदान किया जाता है। इसके बावजूद ड्रेस कोड का पालन नहीं करना शासकीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही माना गया है।
दो दिन में मांगा गया जवाब
मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. एच.एस. बैस द्वारा जारी आदेश में संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे पत्र प्राप्ति के दो कार्य दिवसों के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें।
आदेश में कहा गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया जाता है, तो कर्मचारियों के खिलाफ एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर प्रशासन का फोकस
जिला प्रशासन का कहना है कि स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित उपस्थिति, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
अधिकारियों ने संकेत दिया है कि भविष्य में भी इसी प्रकार के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।









