सिंगरौली जिले में औद्योगिक संस्थानों की कार्यप्रणाली और श्रमिक सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिले में कोयला और पावर परियोजनाओं सहित अन्य उद्योगों की जांच के लिए विशेष दल गठित किए गए हैं।
चार उपखंडों में बनाई गई जांच टीमें
जारी आदेश (दिनांक 16 मार्च 2026) के अनुसार, सिंगरौली जिले के सिंगरौली, माड़ा, देवसर और चितरंगी उपखंडों में अलग-अलग जांच दल गठित किए गए हैं।
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प्रत्येक टीम में उपखंड मजिस्ट्रेट, श्रम पदाधिकारी, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा अधिकारी और श्रम निरीक्षक को शामिल किया गया है।
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कंपनियों का होगा ऑन-साइट निरीक्षण
जांच दलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित औद्योगिक संस्थानों के परिसर में जाकर निरीक्षण करें।
इस दौरान यह देखा जाएगा कि श्रम कानूनों, श्रमिक सुरक्षा प्रावधानों और औद्योगिक सुरक्षा मानकों का पालन सही तरीके से हो रहा है या नहीं।
श्रमिकों से सीधे शिकायतें ली जाएंगी
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि टीम श्रमिकों से सीधे बातचीत करेगी और उनकी समस्याओं एवं शिकायतों को दर्ज करेगी।
जरूरत पड़ने पर कैम्प आयोजित कर श्रमिकों को अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा।
सुरक्षा उपायों और रहन-सहन की भी जांच
जांच केवल दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि श्रमिकों के रहन-सहन, कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था और नियोजन प्रक्रिया की भी गहन समीक्षा की जाएगी।
10 दिन में रिपोर्ट देना अनिवार्य
सभी जांच दलों को निर्देशित किया गया है कि वे निरीक्षण के बाद विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करें और 10 दिनों के भीतर प्रशासन को सौंपें।
रिपोर्ट में कमियां, विसंगतियां और सुधार के सुझाव शामिल किए जाएंगे।
- सिंगरौली में औद्योगिक क्षेत्र पर प्रशासन की यह सख्ती श्रमिकों के हित में बड़ा कदम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से कई अहम खुलासे हो सकते हैं, जिससे क्षेत्र में काम कर रहे श्रमिकों की सुरक्षा और अधिकारों को मजबूती मिलेगी।



