गुरु केवल शिक्षक नहीं, जीवन के सच्चे मार्गदर्शक हैं: मंत्री संपतिया उईके ने किया शिक्षकों का सम्मान

सिंगरौली के संदीपनी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हिर्रवाह में गुरु सम्मान समारोह आयोजित हुआ। प्रभारी मंत्री संपतिया उईके ने शिक्षकों का सम्मान कर गुरु-शिष्य परंपरा का महत्व बताया।

Om Prakash Shah

Reporter | Updated: 27 Jul 2026, 10:36 AM IST | 1 min read
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सिंगरौली। गुरु पूर्णिमा पखवाड़े के समापन अवसर पर संदीपनी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, हिर्रवाह में आयोजित गुरु सम्मान समारोह श्रद्धा, सम्मान और भारतीय संस्कृति की गरिमा से ओत-प्रोत रहा। कार्यक्रम में जिले की प्रभारी मंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उईके मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर समारोह का शुभारंभ किया।

विद्यालय परिसर में आयोजित इस समारोह में विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा और भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिली।

गुरु का सम्मान ही संस्कारों की पहली पहचान

अपने संबोधन में मंत्री संपतिया उईके ने कहा कि गुरु केवल पाठ्यपुस्तकों का ज्ञान देने वाले शिक्षक नहीं होते, बल्कि वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का निर्माण करने वाले सच्चे मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, संस्कार और गुरुजनों के प्रति सम्मान का भाव भी उतना ही आवश्यक है।

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उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने शिक्षकों का सम्मान करें और उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज तथा राष्ट्र के विकास में योगदान दें।

विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए प्रेरक कार्यक्रम

समारोह के दौरान छात्र-छात्राओं ने गुरु पूर्णिमा के महत्व पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सरस्वती वंदना और स्वागत गीत के साथ-साथ विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति में गुरु के सर्वोच्च स्थान पर प्रेरक वक्तव्य भी दिए, जिन्हें उपस्थित लोगों ने सराहा।

कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय परंपराओं और नैतिक मूल्यों को भी समान महत्व देना आवश्यक है।

शिक्षकों और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

समारोह का सबसे भावुक पल तब आया जब विद्यालय के शिक्षकों का शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया। वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए अतिथियों ने उनके कार्यों की सराहना की।

इसके अलावा शिक्षा, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। सम्मान मिलने पर विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।

विज्ञान प्रदर्शनी का भी किया अवलोकन

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि सहित अन्य अतिथियों ने विद्यालय में आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन किया। विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न विज्ञान मॉडल और नवाचारों की सराहना करते हुए उन्हें वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।

गुरु पूर्णिमा का संदेश

गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। हिर्रवाह विद्यालय में आयोजित यह समारोह विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ, जहां उन्हें शिक्षा के साथ संस्कारों का महत्व भी समझाया गया।

FAQ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल ?

Q1. गुरु सम्मान समारोह कहां आयोजित किया गया?
उत्तर: संदीपनी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, हिर्रवाह (जिला सिंगरौली) में।

Q2. कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कौन थीं?
उत्तर: जिले की प्रभारी मंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उईके।

Q3. कार्यक्रम में किनका सम्मान किया गया?
उत्तर: विद्यालय के शिक्षकों तथा शिक्षा, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया गया।

Q4. मंत्री संपतिया उईके ने अपने संबोधन में क्या कहा?
उत्तर: उन्होंने कहा कि गुरु जीवन को सही दिशा दिखाने वाले मार्गदर्शक होते हैं और विद्यार्थियों को सदैव उनका सम्मान करना चाहिए।

Q5. समारोह में और क्या विशेष रहा?
उत्तर: विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, गुरु-शिष्य परंपरा पर प्रेरक वक्तव्य और विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन समारोह के प्रमुख आकर्षण रहे।

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