CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) आंदोलन और छात्र प्रदर्शनों के बीच बिहार सरकार ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। जारी जानकारी के अनुसार, 26 जुलाई को शाम 6 बजे से पहले बिहार में हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
सरकार ने यह भी कहा है कि ऐसे मामलों में दर्ज FIR, आपराधिक शिकायतें और कारण बताओ नोटिस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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इसके अलावा, गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने तथा भविष्य में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने की बात भी कही गई है।
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#Important: 1 AM update.
Hours after our press conference, Government’s representatives met us. The meeting lasted for 2-3 hours. They shared copies of the Bihar and Assam notifications guaranteeing FIR withdrawals, no action in future, and release of all detainees and… pic.twitter.com/G7WcHHcfAs
— Saurav Das (@SauravDassss) July 27, 2026
CJP की तीन प्रमुख मांगें
CJP की ओर से सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी गई थीं।
1. शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी। यह मांग उस समय पूरी हो गई जब उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
2. प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेना
दूसरी मांग थी कि छात्र आंदोलन में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस लिया जाए और किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई न की जाए।
साथ ही NEET पेपर लीक प्रकरण के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई।
3. अन्य मांगों पर आधिकारिक आदेश
CJP नेताओं का कहना है कि सरकार ने सिद्धांत रूप से कुछ मांगों पर सहमति जताई है, लेकिन औपचारिक अधिसूचना (Notification) जारी होना अभी बाकी है।
