सोमवार, 2 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। सप्ताह के पहले ही दिन बाजार में कमजोरी के संकेत मिले, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1,000 अंक से अधिक टूट गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी गिरकर 24,900 के नीचे पहुंच गया।
बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव साफ दिखाई दिया। कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। बैंकिंग, आईटी और मेटल सेक्टर के शेयर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। इससे पूरे बाजार का सेंटीमेंट कमजोर हो गया।
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अंतरराष्ट्रीय तनाव का सीधा असर
विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर पड़ा है। इस कारण विदेशी निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए शेयर बाजार से पैसा निकालना शुरू कर दिया। निवेशकों ने सुरक्षित विकल्प के रूप में सोना और चांदी में निवेश बढ़ाया है।
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जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है, तो शेयर बाजार में गिरावट आना सामान्य माना जाता है। इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार पर दबाव और बढ़ गया।
निवेशकों के लिए बढ़ी चिंता
शेयर बाजार में आई यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का संकेत है। कई छोटे निवेशकों को नुकसान का सामना करना पड़ा है। बाजार में अस्थिरता बनी रहने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय के निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है। बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। निवेश से पहले सही जानकारी और रणनीति जरूरी है।
आने वाले दिनों में वैश्विक परिस्थितियों और विदेशी निवेशकों के रुख पर बाजार की दिशा निर्भर करेगी। निवेशकों को फिलहाल सावधानी से निवेश करने की सलाह दी जा रही है।





