Urjanchal Tiger
मंगलवार, 8 सितंबर 2026 |

No Live TV Stream Available

Please check back later.

Advertisement
Welcome Gift: 2,000 Reward Points

SBI BPCL Credit Card - Best Card for fuel!

बढ़ते तेल कि कीमत पर बचत !
SBI
Apply Now

राजपाल यादव तिहाड़ जेल क्यों पहुंचे? जानें 9 करोड़ कर्ज का पूरा मामला

अभिनेता राजपाल यादव अपने 9 करोड़ रुपये कर्ज के चेक बाउंस केस में तिहाड़ जेल में हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने बेल याचिका खारिज कर दी, सुनवाई अगली सोमवार तक टल गई है। बॉलीवुड से समर्थन और लीगल अपडेट 13 फ़रवरी 2026 तक।

Neeraj Sahu

Author | Updated: 13 Feb 2026, 01:32 PM IST | 1 min read
राजपाल यादव
Share:
Advertisement

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव अभी दिल्ली के तिहाड़ जेल में 9 करोड़ रुपये के कर्ज और चेक बाउंस (चेक रद्द होने) के लंबे कानूनी विवाद के कारण अपनी सजा काट रहे हैं।

बेल याचिका खारिज, अगली सुनवाई सोमवार

दिल्ली हाईकोर्ट ने 9 करोड़ रुपये के कर्ज मामले में उनकी बेल याचिका खारिज कर दी है और अगली सुनवाई सोमवार (16 फ़रवरी 2026) तक के लिए टाल दी है। अदालत ने राजपाल की दिशा-निर्देशों का बार-बार पालन न करने पर कड़ी टिप्पणी की है।

केस की पृष्ठभूमि

यह विवाद एक दशक पुराना है, जब राजपाल ने 2010 में 5 करोड़ रुपये का ऋण लिया था अपने निर्देशन में बनी फिल्म अता पता लापता के लिए। फिल्म के फ्लॉप होने और ऋण वापस न करने से यह मामला चेक बाउंस के तहत बढ़ता गया और कुल बकाया लगभग 9 करोड़ रुपये तक पहुँच गया।

New Edition

Read Today's E-Magazine

Swipe through the complete digital edition of Urjanchal Tiger right on your screen.

2018 का पिछला जेल अनुभव

राजपाल यादव पहले भी इसी कर्ज विवाद में 2018 में 3 महीने तिहाड़ जेल में रह चुके हैं। उस दौरान उन्होंने जेल के अंदर काम किया और साथी कैदियों के लिए कार्यशालाएँ भी आयोजित की थीं।

Advertisement

राजपाल यादव तिहाड़ जेल क्यों पहुंचे? जानें 9 करोड़ कर्ज का पूरा मामला

समर्थक बयान और बॉलीवुड की भूमिका

इस संकट के बीच कई बॉलीवुड हस्तियों ने राजपाल का समर्थन किया है। सलमान खान, आजय देवगन, सोनू सूद सहित कई कलाकारों ने सामने आकर वित्तीय सहायता और काम के अवसर देने की पेशकश की है।

सोशल मीडिया और प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर राजपाल का पुराना वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने आत्महत्या को समाधान न मानने की बात कही है और सकारात्मक संदेश दिया है।

Advertisement

ADVERTISEMENT
Advertisement