फिल्म “मैंने प्यार किया” में सलमान खान के ऑन-स्क्रीन पिता की भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ अभिनेता राजीव वर्मा ने मुंबई और मुख्यधारा के मनोरंजन उद्योग से दूरी बनाने की वजह बताई है। एक पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी स्टारडम की चाह नहीं रखी। करियर में एकरूपता आने के बाद उन्होंने अपने गृह नगर भोपाल लौटकर परिवार और रंगमंच को प्राथमिकता देने का फैसला किया।
मुंबई छोड़ने के फैसले पर बोले राजीव वर्मा
हिंदी सिनेमा और टेलीविजन के जाने-माने अभिनेता राजीव वर्मा ने हाल ही में खुलासा किया कि उन्होंने मुंबई और मुख्यधारा के मनोरंजन जगत से दूरी क्यों बनाई। Dear Generation Podcast में बातचीत के दौरान उन्होंने अपने फिल्मी सफर, स्टारडम को लेकर सोच और भोपाल लौटने के फैसले पर खुलकर बात की।
राजीव वर्मा ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे करियर में कभी भी स्टार बनने की महत्वाकांक्षा नहीं रखी। लंबे समय तक फिल्मों और टीवी में काम करने के बाद उन्हें अपने काम में एक तरह की एकरूपता महसूस होने लगी थी। ऐसे में उन्होंने अपने परिवार के साथ समय बिताने और शांत जीवन जीने के लिए अपने गृह नगर भोपाल लौटने का निर्णय लिया।
‘मैंने प्यार किया’ के समय कोई नहीं जानता था सलमान खान को
राजीव वर्मा ने अपनी चर्चित फिल्म मैंने प्यार किया को याद करते हुए कहा कि आज लोग उन्हें सलमान खान के पिता की भूमिका से पहचानते हैं, लेकिन फिल्म बनने के समय अधिकांश कलाकार नए थे।
उन्होंने कहा,
“मैंने प्यार किया मेरी पहली फिल्म थी। उस समय मैं ‘चुनौती’ और ‘मुजरिम हाज़िर’ जैसे लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों के कारण जाना-पहचाना चेहरा था। आज लोग मुझे सलमान खान के पिता के रूप में याद करते हैं और कहते हैं कि आप उस सलमान खान वाली फिल्म में थे। लेकिन जब हमने यह फिल्म बनाई थी, तब सलमान खान को कोई नहीं जानता था। यह बतौर मुख्य अभिनेता उनकी पहली फिल्म थी।”
कई कलाकारों के करियर की थी अहम शुरुआत
राजीव वर्मा ने बताया कि फिल्म से जुड़े कई कलाकार अपने करियर की महत्वपूर्ण शुरुआत कर रहे थे।
उन्होंने कहा,
“रीमा लागू मराठी सिनेमा में लंबे समय तक काम करने के बाद अपनी पहली हिंदी फिल्म कर रही थीं। यह भाग्यश्री की डेब्यू फिल्म थी। अजीत वाचानी और लक्ष्मीकांत बेर्डे की भी यह पहली हिंदी फिल्म थी।”
उनके अनुसार, उस समय किसी को अंदाजा नहीं था कि फिल्म आगे चलकर हिंदी सिनेमा की सबसे सफल और यादगार फिल्मों में शामिल हो जाएगी।
अब रंगमंच को दे रहे हैं प्राथमिकता
मुंबई छोड़ने के बाद राजीव वर्मा अपना अधिकांश समय भोपाल में बिताते हैं और रंगमंच से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें थिएटर में काम करने से अलग तरह की संतुष्टि मिलती है। अभिनय के प्रति उनका जुड़ाव आज भी कायम है, लेकिन अब वे ग्लैमर और स्टारडम की दौड़ से दूर रहना पसंद करते हैं।









