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क्या बच्चों को साप्ताहिक बजट देना सही है? जानिए इसके फायदे, नुकसान और एक्सपर्ट्स की राय

नौशाबा अंजुम

Author | Updated: 18 Jan 2026, 11:48 AM IST | 1 min read
Is it a good idea to give children a weekly allowance?
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आज के समय में पेरेंटिंग का तरीका तेजी से बदल रहा है। जहां पहले माता-पिता बच्चों को सिर्फ पढ़ाई तक सीमित रखते थे, वहीं अब इमोशनल इंटेलिजेंस, लाइफ स्किल्स और फाइनेंशियल अवेयरनेस पर भी बराबर ध्यान दिया जा रहा है। इसी ट्रेंड का हिस्सा है, बच्चों को साप्ताहिक बजट देना।

आजकल कई माता-पिता अपने 4–5 साल के बच्चों को भी हफ्ते की तय रकम दे रहे हैं, ताकि वे खर्च करना, बचत करना और फैसले लेना सीख सकें। लेकिन सवाल यह है कि क्या इतनी कम उम्र में पैसों की जिम्मेदारी देना सही है या इससे बच्चों पर मानसिक दबाव पड़ सकता है?

कैसे काम करता है बच्चों का वीकली बजट सिस्टम?

इस मॉडल में माता-पिता बच्चों को हर हफ्ते एक तय रकम देते हैं।
उदाहरण के तौर पर:

  • कुछ पैसे “ज़रूरी खर्च” के नाम पर
  • कुछ “मनपसंद चीज़ों” के लिए
  • और थोड़ा हिस्सा “बचत या निवेश” के लिए

बच्चे तय करते हैं कि वे कब, कहां और कितना खर्च करेंगे। इससे उन्हें वास्तविक जीवन की आर्थिक समझ मिलने लगती है।

एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?

मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की राय

डॉ. राहुल चंदोक (हेड कंसल्टेंट, मेंटल हेल्थ, आर्टेमिस हॉस्पिटल, गुरुग्राम) के अनुसार:

“अगर सही तरीके से सिखाया जाए तो पैसा बच्चों के लिए डर नहीं, बल्कि एक टूल बन जाता है। बजट बनाना उन्हें आत्म-नियंत्रण, निर्णय क्षमता और धैर्य सिखाता है।”

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उनका मानना है कि इससे बच्चों में जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है और वे भावनात्मक रूप से मजबूत बनते हैं।

सावधानी भी जरूरी

वहीं, मनोवैज्ञानिक एस. गिरिप्रसाद (एस्टर व्हाइटफील्ड हॉस्पिटल, बेंगलुरु) चेतावनी देते हैं कि:

“अगर पैसों की बात डर, शर्म या माता-पिता के तनाव से जुड़ी हो, तो बच्चा पैसे को लेकर चिंता या अपराधबोध महसूस कर सकता है।”

बच्चे केवल गणित नहीं सीखते, वे पैसों से जुड़ी भावनाएं भी अपनाते हैं।

बच्चों को वीकली बजट देने के फायदे

  • खर्च और बचत का अंतर समझते हैं
  • निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है
  • जरूरत और चाहत में फर्क समझते हैं
  • छोटी गलतियों से सुरक्षित सीख मिलती है
  • आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास बढ़ता है

किन बातों का रखें खास ध्यान?

  • उम्र के हिसाब से ही बजट तय करें
  • पैसों को सजा या इनाम न बनाएं
  • बच्चों पर दबाव न डालें
  • उन्हें गलतियों से सीखने दें
  • हर खर्च पर डांटने से बचें

बच्चों को साप्ताहिक बजट देना अपने आप में गलत नहीं है।
गलत तब होता है जब इसे दबाव या तुलना से जोड़ा जाए।

अगर इसे खेल-खेल में, सकारात्मक माहौल में सिखाया जाए, तो यह आदत बच्चों को भविष्य में आर्थिक रूप से समझदार और आत्मनिर्भर बना सकती है।

अगर आप ऐसे ही पेरेंटिंग, हेल्थ और सोशल ट्रेंड्स पर भरोसेमंद खबरें पढ़ना चाहते हैं, तो जुड़े रहें urjanchaltiger.in के साथ।

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