लोकसभा ने सुप्रीम कोर्ट जज संख्या बढ़ाने वाला बिल पास किया, विपक्ष के हंगामे के बीच तीन अहम विधेयक पेश

लोकसभा ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने वाला संशोधन विधेयक पारित कर दिया। विपक्ष के हंगामे के बीच बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल और इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट बिल भी पेश किए गए।

UTN Hindi ।। Digital Team

Author | Updated: 04 Aug 2026, 08:41 AM IST | 1 min read
लोकसभा ने सुप्रीम कोर्ट जज संख्या बढ़ाने वाला बिल पास किया, विपक्ष के हंगामे के बीच तीन अहम विधेयक पेश
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लोकसभा ने सोमवार (3 अगस्त, 2026) को सुप्रीम कोर्ट (नंबर ऑफ जजेज) संशोधन विधेयक, 2026 ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस विधेयक के लागू होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में स्वीकृत न्यायाधीशों की संख्या 34 से बढ़कर 38 हो जाएगी, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) भी शामिल हैं।

हालांकि सदन में विपक्षी दलों के लगातार विरोध और नारेबाजी के कारण इस विधेयक पर कोई विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी।

विपक्ष के हंगामे के बीच पारित हुआ बिल

संसद की कार्यवाही के दौरान विपक्ष ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन जारी रखा।

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हंगामे के बीच केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने संक्षिप्त रूप से विधेयक पेश किया, जिसके बाद इसे बिना बहस ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। विपक्ष द्वारा अध्यादेश को निरस्त करने का प्रस्ताव भी ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया।

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क्यों बढ़ाई जा रही है जजों की संख्या?

केंद्र सरकार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में लगातार बढ़ रहे लंबित मामलों को देखते हुए न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाना आवश्यक हो गया है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी 2026 तक सुप्रीम कोर्ट में 92,101 मामले लंबित थे। सरकार का मानना है कि अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति से

  • लंबित मामलों का तेजी से निपटारा होगा।
  • संविधान पीठ (Constitution Bench) का गठन अधिक नियमित रूप से किया जा सकेगा।
  • न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी।

अध्यादेश जारी होने के बाद पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति भी की जा चुकी है।

लोकसभा ने सुप्रीम कोर्ट जज संख्या बढ़ाने वाला बिल पास किया, विपक्ष के हंगामे के बीच तीन अहम विधेयक पेश

दो अन्य अहम विधेयक भी हुए पेश

1. इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट बिल, 2026

इस विधेयक का उद्देश्य 1959 के पुराने कानून को समाप्त कर भारतीय सांख्यिकी संस्थान (ISI) को नए वैधानिक ढांचे के तहत स्थापित करना है।

प्रमुख प्रावधान

  • राष्ट्रपति होंगे संस्थान के Visitor
  • Board of Governors होगा मुख्य कार्यकारी निकाय
  • Director की अध्यक्षता में Academic Council का गठन
  • डेटा साइंस और सांख्यिकी अनुसंधान को बढ़ावा

2. बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह विधेयक पेश किया। इसका उद्देश्य 1891 के औपनिवेशिक कानून की जगह नया कानून लाना है।

नए बिल के तहत

  • डिजिटल बैंकिंग रिकॉर्ड अदालत में मान्य साक्ष्य होंगे।
  • Cloud-based और Virtual Records को कानूनी मान्यता मिलेगी।
  • रिकॉर्ड का डिजिटल प्रमाणीकरण संभव होगा।

सरकार भविष्य में अन्य वित्तीय संस्थानों पर भी यह कानून लागू कर सकेगी।

क्या है सुप्रीम कोर्ट (Number of Judges) Amendment Bill?

यह विधेयक इस वर्ष जारी किए गए अध्यादेश का स्थान लेगा, जिसके माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में स्वीकृत न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाई गई थी। यदि यह कानून पूरी तरह लागू होता है, तो सुप्रीम कोर्ट में कुल 38 न्यायाधीशों की नियुक्ति का प्रावधान होगा।

लोकसभा ने विपक्ष के हंगामे के बीच बिना चर्चा के सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण विधेयक पारित कर दिया। सरकार का कहना है कि इससे लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और संविधान पीठों के गठन में सुविधा होगी। वहीं, बैंकिंग और सांख्यिकी क्षेत्र से जुड़े दो अन्य महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन में पेश किए गए।

Frequently Asked Questions

1. सुप्रीम कोर्ट में अब कितने जज होंगे?

संशोधन विधेयक के अनुसार स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 की जाएगी।

2. सरकार ने जजों की संख्या क्यों बढ़ाई?

लंबित मामलों का बोझ कम करने और संविधान पीठों के नियमित गठन के लिए।

3. सुप्रीम कोर्ट में कितने मामले लंबित हैं?

1 जनवरी 2026 तक 92,101 मामले लंबित थे।

4. बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल का उद्देश्य क्या है?

डिजिटल और क्लाउड आधारित बैंकिंग रिकॉर्ड को अदालत में वैध साक्ष्य का दर्जा देना।

5. इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट बिल क्या है?

यह भारतीय सांख्यिकी संस्थान को नए वैधानिक ढांचे में स्थापित करने और उसके प्रशासनिक एवं शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने का प्रस्ताव है।

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