अयोध्या, उत्तर प्रदेश। Ayodhya के राम मंदिर में प्राप्त दान के कथित गबन मामले में दर्ज एफआईआर में नामजद सभी आठ आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
यह एफआईआर Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज की गई थी। शिकायत विशेष जांच दल (SIT Investigation) की प्रारंभिक रिपोर्ट में की गई सिफारिशों के बाद दर्ज हुई।
SIT Report के बाद दर्ज हुई FIR
पुलिस अधिकारियों के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित Special Investigation Team (SIT) ने प्रारंभिक जांच में कुछ अनियमितताओं की ओर संकेत किया था।
इसी आधार पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू की गई।
Donation Counting Process से जुड़े थे आरोपी
एफआईआर के अनुसार गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी Ram Mandir Donation के रूप में प्राप्त नकदी एवं कीमती वस्तुओं की गिनती और प्रबंधन की प्रक्रिया से जुड़े हुए थे।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित गबन किस प्रकार किया गया और इसमें किसकी क्या भूमिका रही।
सभी आरोपी अयोध्या से गिरफ्तार
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार एफआईआर में नामजद सभी आठ आरोपी अयोध्या में ही मौजूद थे।
पुलिस ने उन्हें गुरुवार देर रात गिरफ्तार किया। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उन्हें न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है।
ये हैं गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं
- रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू
- अनुकल्प मिश्रा
- अविनाश शुक्ला
- करुणेश पांडेय
- मनीष यादव
- लवकुश मिश्रा
- रामाशंकर मिश्रा
- सुभाष श्रीवास्तव
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिनमें शामिल हैं—
- धारा 306 – मालिक के कब्जे में मौजूद संपत्ति की क्लर्क या नौकर द्वारा चोरी।
- धारा 316 – आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust)।
- धारा 317 – बेईमानी से चोरी की संपत्ति प्राप्त करना।
- धारा 61 – आपराधिक षड्यंत्र (Criminal Conspiracy)।
मामले में अन्य प्रासंगिक धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
जांच अभी जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




















