बेउर जेल से रिहा होने के बाद ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रोशन आनंद ने अपने भाई प्रिंस यादव की हत्या को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने फैजल खान (खान सर) और एक कोल्ड स्टोरेज संचालक पर साजिश रचने का आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों पर अब तक पुलिस या संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। मामले की जांच जारी है।
जेल से बाहर आते ही लगाए गंभीर आरोप
पटना के बेउर जेल से रिहा होने के बाद ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रोशन आनंद ने अपने भाई प्रिंस यादव की हत्या को लेकर बड़ा बयान दिया है। जेल से बाहर निकलने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उनके भाई की हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत कराई गई।
रोशन आनंद ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में कुछ प्रभावशाली लोगों की भूमिका है और उन्हें जानबूझकर फंसाया गया।
खान सर और कारोबारी पर लगाए आरोप
रोशन आनंद ने आरोप लगाया कि फैजल खान, जिन्हें लोकप्रिय रूप से खान सर के नाम से जाना जाता है, तथा एक कोल्ड स्टोरेज संचालक ने मिलकर उन्हें फंसाने और उनके भाई की हत्या करवाने की साजिश रची।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
जेल से बाहर आते ही रोशन आनंद बोले, ‘ मैं सनातनी हूं, भाई प्रिंस की हत्या साजिश के तहत कराई गई’
पटना में कोचिंग संचालकों का विवाद धर्म तक पहुंच गया है। रौशन आनंद ने जेल से रिहा होने के बाद खान सर पर अपने भाई प्रिंस यादव की हत्या की साजिश का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने खुद को सनातनी बताते हुए सत्य और अहिंसा से न्याय की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया।#RoshanAnand #KhanSir pic.twitter.com/xGESlaZ2i5
— NBT Bihar (@NBTBihar) June 15, 2026
गोलीबारी मामले में खुद को बताया बेगुनाह
रोशन आनंद ने कहा कि जिस गोलीबारी मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया था, उसमें उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
उनका दावा है कि गोलीबारी दूसरी ओर से की गई थी, जबकि उन्हें साजिश के तहत आरोपी बनाया गया।
उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि सच्चाई सामने आएगी।
पुलिस कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
रोशन आनंद ने पटना पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि उन्हें बहुत कम समय में गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उनके भाई की हत्या के आरोपियों के खिलाफ उसी गति से कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक होने पर नार्को टेस्ट कराने की मांग की।
भाई को खोने का दर्द किया बयां
मीडिया से बातचीत के दौरान रोशन आनंद भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन का सबसे अनमोल साथी और भाई खो दिया है।

उन्होंने कहा कि अब वे कानूनी दायरे में रहकर अपने भाई के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए लड़ाई लड़ेंगे और जल्द ही इस मामले पर विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।
रिहाई के बाद वे अपने पैतृक गांव सहरसा के लिए रवाना हो गए, जहां वे अपने भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।
वकील ने क्या कहा?
रोशन आनंद के अधिवक्ता रोशन कुमार ने कहा कि अदालत ने उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद जमानत हुई है।
उनके अनुसार, अभियोजन पक्ष अदालत के समक्ष ऐसे पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका जिससे यह साबित हो सके कि कथित हमले में रोशन आनंद की सीधी भूमिका थी।
कोर्ट की टिप्पणी भी चर्चा में
जमानत देते समय अदालत ने दोनों पक्षों को संयम बरतने की सलाह दी।
अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि दोनों शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं और उन्हें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए, न कि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों में शामिल होना चाहिए।




















