सिंगरौली। एनटीपीसी विंध्याचल ने सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए डीलरशिप मोड के तहत ऐश ब्रिक्स की पहली खेप को रवाना किया। यह पहल फ्लाई ऐश के प्रभावी उपयोग और सर्कुलर इकोनॉमी को सशक्त करने की दिशा में मील का पत्थर मानी जा रही है। यह ऐतिहासिक अवसर परियोजना प्रमुख (विंध्याचल) श्री संजीब कुमार साहा के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
पर्यावरण संरक्षण को व्यवहारिक रूप देते हुए एनटीपीसी विंध्याचल ने डीलरशिप मोड के तहत ऐश ब्रिक्स की पहली खेप रवाना कर दी। यह पहल केवल एक व्यावसायिक कदम नहीं, बल्कि फ्लाई ऐश जैसे औद्योगिक अपशिष्ट को उपयोगी संसाधन में बदलने की दिशा में एक मजबूत संदेश है। परियोजना प्रमुख श्री संजीब कुमार साहा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रबंधन टीम की गरिमामयी उपस्थिति रही। अधिकारियों ने इसे सर्कुलर इकोनॉमी की दिशा में ठोस पहल बताते हुए कहा कि डीलरशिप आधारित मॉडल से ऐश ब्रिक्स अब आम बाजार तक आसानी से पहुँच सकेंगे। उक्त नवाचार से न सिर्फ पर्यावरणीय दबाव कम होगा, बल्कि निर्माण क्षेत्र को टिकाऊ, किफायती और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प भी मिलेगा। पहल को सफल बनाने में सीसी-ओएस टीम की भूमिका को भी विशेष रूप से सराहा गया।











