बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण आज सुप्रीम कोर्ट में पेश होंगे। पतंजलि के खिलाफ दायर झूठे विज्ञापन की शिकायत पर सुनवाई होगी। आखिरी सुनवाई 10 अप्रैल को हुई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने बाबा रामदेव की माफी खारिज कर दी थी। इस माफीनामे को लेकर आज दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश करेंगे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि बाबा रामदेव को माफ किया जाए या सजा दी जाए।
आखिरी सुनवाई जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस अमानतुल्लाह की बेंच ने की थी। पतंजलि की ओर से वकील विपिन सांघी और मुकुल रोहतगी पेश हुए। बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने भी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उत्तराखंड की पुष्कर धामी सरकार की ओर से ध्रुव मेहता और वंशजा शुक्ला पेश हुए थे।
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जानिये क्या है भ्रामक विज्ञापन का मामला
- बाबा रामदेव और पतंजलि पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने भ्रामक विज्ञापन दिखाने और प्रसारित करने का आरोप लगाया है।
- 17 अगस्त, 2022 को एक याचिका दायर की गई थी।
- इस याचिका को गंभीरता से लेते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने 21 नवंबर, 2023 को पतंजलि को निर्देश दिया कि वह किसी भी प्रोडक्ट का गलत विज्ञापन न करे।
- आदेशों के बावजूद विज्ञापन दिखाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने 27 फरवरी 2024 को पतंजलि को फटकार लगाई।
- कहा गया कि पतंजलि और बाबा रामदेव भ्रामक विज्ञापन दिखाकर लोगों के साथ छल कर रहे हैं।
- यह कैसे कहा जा सकता है कि पतंजलि की दवाएं बीमारियों को 100 प्रतिशत ठीक कर सकती हैं? क्या इसका कोई ठोस सबूत है?
- सुप्रीम कोर्ट ने 19 मार्च और 2 अप्रैल को भी मामले की सुनवाई की।
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