शहर के सभी विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश। पोषण आहार वितरण और विद्यालय सुविधाओं के निरीक्षण के आदेश।
सिंगरौली, 21 जुलाई 2025:जिले में स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में मध्यान्ह भोजन और पोषण आहार की गुणवत्ता अब किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा। कलेक्टर श्री चन्द्र शेखर शुक्ला ने सोमवार को आयोजित टाइम लाइन समीक्षा बैठक में स्पष्ट आदेश दिए कि यदि किसी समूह द्वारा भोजन वितरण में लापरवाही या गड़बड़ी की जाती है — तो जांच के बाद उन पर सख्त कार्यवाही होगी।
बैठक में कलेक्टर ने जनपद पंचायतो के सीईओ को हिदायत दी कि हर विद्यालय में निर्धारित मेन्यू के अनुसार ही भोजन दिया जाए। उन्होंने आकस्मिक निरीक्षण बढ़ाने और भोजन सामग्री की गुणवत्ता के नियमित परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने महिलाओं और बच्चों के पोषण पर भी विशेष ज़ोर देते हुए कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को घर-घर जाकर पौष्टिक आहार अनिवार्य रूप से पहुंचाएं।
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जिले के सभी छात्रावासों की साफ-सफाई और मौलिक सुविधाएं अच्छी तरह मुहैया कराए जाने की बात कहते हुए, अधीक्षिका व वार्डन की मौजूदगी को अनिवार्य बताया। साथ ही, किसी भी सरकारी स्कूल में स्मार्ट क्लास न होने की स्थिति में प्रस्ताव जल्द जमा करने को कहा गया।
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कलेक्टर ने खाद्य आपूर्ति अधिकारी को पीडीएस दुकानों की नियमित जांच और समय से राशन वितरण के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं भी राशन वितरण में गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तुरंत हो।
अत्यधिक वर्षा से प्रभावित परिवारों को एक सप्ताह के भीतर सर्वे कर आर्थिक सहायता देने का भी आदेश बैठक में दिया गया। आपदा प्रबंधन टीम को सतर्क रहने और पानी भराव की स्थिति में निरंतर निगरानी बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बैठक में अधिकारी, नगर निगम, पंचायत और अन्य विभाग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साफ़ संदेश है — शिक्षा, पोषण और जन कल्याण के लिए अब सख्ती और गुणवत्ता दोनों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलेगी



