UPI Rules Changed : QR कोड स्कैन करते ही दिखेगा खाताधारक का असली नाम, 1 जून से लागू हुआ नया नियम

1 जून से लागू हुए इस नए UPI नियम का उद्देश्य डिजिटल भुगतान को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है। खाताधारक का वास्तविक नाम दिखाई देने से ग्राहकों को भुगतान से पहले अतिरिक्त सुरक्षा मिलेगी और ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।

UTN Hindi ।। Digital Team

Author | Updated: 01 Jun 2026, 12:13 PM IST | 1 min read
UPI भुगतान में नया बदलाव, अब QR कोड स्कैन करने पर दिखेगा खाताधारक का वास्तविक नाम।
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देशभर में UPI उपयोगकर्ताओं के लिए 1 जून से एक बड़ा बदलाव लागू हो गया है। अब QR कोड स्कैन करके भुगतान करने पर ग्राहकों को उस बैंक खाते के वास्तविक खाताधारक का नाम दिखाई देगा, जिसमें पैसा भेजा जा रहा है। इस कदम का उद्देश्य ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकना और डिजिटल भुगतान को अधिक सुरक्षित बनाना है।

भारत में डिजिटल भुगतान को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए UPI सिस्टम में महत्वपूर्ण बदलाव लागू किया गया है।

1 जून से किसी भी QR कोड को स्कैन कर भुगतान करने पर ग्राहकों को उस बैंक खाते के वास्तविक खाताधारक (Account Holder) का नाम दिखाई देगा, जिसमें राशि भेजी जा रही है।

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पहले कई मामलों में केवल व्यापारी का नाम, दुकान का नाम या QR कोड से जुड़ी पहचान ही दिखाई देती थी, जिससे भुगतान करने वाले व्यक्ति को भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ता था।

क्यों लिया गया यह फैसला?

हाल के वर्षों में फर्जी QR कोड, गलत पहचान और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में वृद्धि देखने को मिली है।

इसी को ध्यान में रखते हुए यह नया प्रावधान लागू किया गया है ताकि ग्राहक भुगतान करने से पहले यह सुनिश्चित कर सकें कि पैसा सही व्यक्ति या संस्था के खाते में जा रहा है।

इस व्यवस्था से

  • फर्जी QR कोड से होने वाली ठगी कम होगी।
  • गलत खाते में भुगतान की संभावना घटेगी।
  • भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
  • ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा।

व्यापारियों पर क्या पड़ेगा असर?

इस बदलाव का असर कुछ व्यापारियों और दुकानदारों पर भी पड़ सकता है।

कई व्यवसायों में दुकान या प्रतिष्ठान का नाम और बैंक खाते का नाम अलग-अलग होता है। ऐसे मामलों में QR कोड स्कैन करने पर ग्राहक को दुकान के नाम की बजाय किसी व्यक्ति का नाम दिखाई दे सकता है।

ऐसी स्थिति में ग्राहक भुगतान करने से पहले सवाल उठा सकता है या भुगतान करने में संकोच कर सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अब व्यापारियों को अपने बैंक खाते और व्यावसायिक पहचान के बीच बेहतर सामंजस्य सुनिश्चित करना होगा।

ग्राहकों को होगा बड़ा फायदा

नए नियम का सबसे अधिक लाभ आम उपभोक्ताओं को मिलने की उम्मीद है।

अब ग्राहक भुगतान करने से पहले खाताधारक का वास्तविक नाम देखकर पुष्टि कर सकेंगे कि पैसा सही खाते में जा रहा है या नहीं।

इससे

  • भुगतान में भ्रम कम होगा।
  • गलत ट्रांजैक्शन की संभावना घटेगी।
  • साइबर फ्रॉड पर अंकुश लगेगा।
  • डिजिटल भुगतान अधिक सुरक्षित होगा।

डिजिटल भुगतान को मिलेगा और भरोसा

भारत में UPI दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म में से एक बन चुका है। करोड़ों लोग प्रतिदिन QR कोड के माध्यम से भुगतान करते हैं।

ऐसे में खाताधारक का वास्तविक नाम दिखाने जैसी व्यवस्था डिजिटल लेनदेन में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

UPI के नियम में क्यों होता है बदलाव ?

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा संचालित किया जाता है। वर्तमान में भारत में करोड़ों लोग Google Pay, PhonePe, Paytm और अन्य UPI ऐप्स के माध्यम से प्रतिदिन लाखों डिजिटल लेनदेन करते हैं। बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए समय-समय पर सुरक्षा संबंधी नए बदलाव लागू किए जाते रहे हैं।

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