सिंगरौली। प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग तथा दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार को जिला मुख्यालय बैढ़न स्थित अंबेडकर चौक पर धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया।
यह प्रदर्शन संयुक्त संघर्ष मंच सिंगरौली के बैनर तले हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और आम नागरिक शामिल हुए।
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राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ धरना-प्रदर्शन दोपहर तक जारी रहा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार सविता यादव को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
“युवाओं का भरोसा बनाए रखने के लिए सुधार जरूरी”
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस शहर अध्यक्ष प्रवीण सिंह चौहान ने कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखने और शिक्षा व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए ठोस नीतिगत सुधार आवश्यक हैं।
उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा प्रणाली में व्याप्त अनियमितताओं पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो युवाओं का भरोसा कमजोर होगा।
प्रवीण सिंह चौहान ने यह भी कहा कि यह आंदोलन युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
ज्ञापन में उठाई गईं ये प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं….
- प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए।
- पेपर लीक मामलों में शामिल दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
- शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
- 20 जुलाई 2026 को दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- लोकतांत्रिक आंदोलनों के दौरान मानवाधिकारों और संवैधानिक अधिकारों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए।
- सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य संबंधी आधिकारिक जानकारी समय-समय पर सार्वजनिक की जाए।
विभिन्न वर्गों की रही भागीदारी
धरना-प्रदर्शन में छात्रों और युवाओं के अलावा सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय नागरिकों ने भी भाग लिया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और अंत में प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्यक्रम समाप्त किया गया।



