UP news : भागने को रास्ता नहीं मिलेगा…

UTN Hindi ।। Digital Team

Author | Updated: 22 Jul 2025, 10:00 PM IST | 1 min read
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UP Police का एक वीडियो सोशल मिडिया पर खूब वायरल हो रहा है. जिसमें पुलिस बिजली कटौती का विरोध करने वाले को कह रहा है,सुन लो,  पहचान लो,भागने को रास्ता नहीं मिलेगा…वीडियो कानपुर के धरमंगदपुर गांव का बताया जा रहा है. दरअसल गांव के लोग चार दिनों से बिजली गुल होने के विरोध में धरने पर बैठे हुए थे. इंस्पेक्टर द्वारा ग्रामीणों को हड़काते हुए  किसी ने वीडियो बना लिया. अब यह वीडियो सोशल मिडिया पर वायरल हो रहा है.

 घटना का वीडियो को एक्स पर पोस्ट करते हुए समाजवादी पार्टी ने भी योगी सरकार की आलोचना की है.

मामला कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में धरमंगदपुर गांव का है. यहां चार दिनों से बिजली आपूर्ति ठप है. इस समस्या को लेकर गांव वालों ने बिजली विभाग के दफ्तरों में खूब चक्कर काटे, लेकिन सुनवाई नहीं हुई तो बड़ी संख्या में लोग शनिवार की रात सचेंडी सब स्टेशन के बाहर धरने पर बैठ गए. ग्रामीणों का आरोप है कि उनका धरना शांति पूर्वक चल रहा था, इसी दौरान मौके पर पहुंचे सचेंडी थाने के इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने उन्हें जबरन हटाने की कोशिश की.

इस बात को लेकर ग्रामीणों और इंस्पेक्टर के बीच तीखी नोकझोंक हुई. इस दौरान इंस्पेक्टर ने गांव वालों को खूब धमकाया था. धरने में शामिल लोगों ने बताया कि इतनी गर्मी में बिजली कटौती की वजह से जन जीवन प्रभावित हो रहा है. उमस भरी गर्मी की वजह से छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी हो रही है. यही नहीं, बिजली ना आने से पानी की आपूर्ति भी ठप हो गई है. इस संबंध में लगातार शिकायत देने के बाद भी बिजली विभाग के अधिकारी अनसुना कर रहे थे.

इस समस्या को लेकर गांव के लोग धरने पर बैठे थे. धरना शांति पूर्वक चल रहा था, लेकिन इंस्पेक्टर बिष्ट की धमकी के बाद ग्रामीण भड़क गए. दरअसल इंस्पेक्टर ने ग्रामीणों को धमकाते हुए अपने साथ आए दरोगा को सब स्टेशन के अधिकारियों से तहरीर लेने का निर्देश दे दिया था. इसके बाद सचेंडी सब स्टेशन के एसएसओ रविंद्र सिंह ने पुलिस में तहरीर देते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ तोड़फोड़ का आरोप लगाया.

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