उत्तर प्रदेश में मदरसों के वित्तीय लेन-देन और फंडिंग के स्रोतों की जांच अब और अधिक व्यापक तरीके से होगी। राज्य सरकार ने सभी मदरसों को मिलने वाली राशि और उसके स्रोतों की सख्त जाँच के आदेश दिए हैं, जिसमें न केवल संस्थागत बल्कि संचालकों के निजी बैंक खातों की भी समीक्षा शामिल है।
सरकार का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता सुनिश्चित करने, अवैध धन स्रोतों की पहचान करने और वित्तीय प्रणाली की विश्वसनीयता बनाये रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। इसके लिए सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ATS स्तर की 3-सदस्यीय SIT गठित की गई है।
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जांच में हर पहलू की होगी पड़ताल
SIT की जांच में निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है
- मदरसों के बैंक खातों के लेन-देन की जांच
- विदेशी फंडिंग के स्रोतों को खंगालना
- भवन निर्माण और वित्तीय खर्चों का विश्लेषण
- संचालकों के व्यक्तिगत वित्तीय रिकॉर्ड की समीक्षा
- संदिग्ध लेन-देन की तह तक जांच
इसके साथ ही संबंधित जिलों के अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भी खुफिया इनपुट के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर निदेशालय को भेजने के निर्देश पा चुके हैं।





