बलरामपुर के वीर विनय कायस्था की जयंती पर JSI स्कूल में श्रद्धांजलि सभा, बच्चों ने सीखा शौर्य का पाठ

UTN Hindi ।। Digital Team

Author | Updated: 05 Aug 2025, 02:49 PM IST | 1 min read
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पचपेड़वा (बलरामपुर)।।संवाददाता ।।आज पचपेड़वा स्थित जेएसआई स्कूल का माहौल बेहद भावुक और गर्व से भरा रहा, जहां स्थानीय बच्चों और शिक्षकों ने 1965 के भारत-पाक युद्ध के नायक वीर विनय कायस्था की जयंती पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। यह कार्यक्रम सिर्फ एक औपचारिकता न रहकर, नवपीढ़ी के लिए प्रेरणा और देशभक्ति की मिसाल बन गया।

शौर्य की कहानी, बच्चों की जुबानी

सभा की शुरुआत करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य ने वीर विनय कायस्था के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा, ”विनय वह नाम है, जो न सिर्फ बलरामपुर बल्कि पूरे देश की युवा शक्ति को संबल देता है।” छोटे-छोटे बच्चों ने देशभक्ति गीतों के माध्यम से वीर विनय की गौरवगाथा को जीवंत कर दिया। शिक्षकों ने बच्चों को बताया कि महज 21 वर्ष की आयु में अपने अद्वितीय साहस के लिए सेना में अपनी जान न्योछावर करने वाले इस जांबाज अफसर का बलिदान बलरामपुर के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है।

देश की ऊर्जा, युवा शक्ति में विश्वास

कार्यक्रम के दौरान स्थानीय समाजसेवियों ने भी साझा किया कि किस प्रकार वीर विनय कायस्था का जीवन आज के युवाओं के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने बच्चों से पूछा, ”क्या आप भी अपने जीवन में ऐसी मिसाल कायम करना चाहेंगे कि आने वाली पीढ़ियां आपको याद रखें?” इस प्रेरक सवाल ने सभा का माहौल और भी जीवंत कर दिया।

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इतिहास को जीवंत रखने का प्रयास

JSI स्कूल में पहली बार इस तरह की विस्तृत श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिससे बच्चों को न केवल बलिदान के महत्व का बोध हुआ, बल्कि अपनी संस्कृति, जड़ों और समर्पण की भावना भी नई स्फूर्ति से जागी। शिक्षकों ने बच्चों में अनुशासन, प्रतिबद्धता और समर्पण के गुण विकसित करने का संकल्प लिया।

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