सिंगरौली। पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री (IPS) के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक पी.एस. परस्ते के निर्देशन में सिंगरौली पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
जनवरी 2025 से 15 अक्टूबर 2025 तक रात्रि में औचक चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई की गई।
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सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता
पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और जनता में यातायात नियमों की समझ बढ़ाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया। 9 महीनों में 2500 से अधिक वाहनों की जांच की गई।
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चालकों को समझाया गया कि नशे की हालत में वाहन चलाना मानसिक संतुलन बिगाड़ देता है और दुर्घटनाओं का कारण बनता है।
पिछली साल की तुलना में 900% अधिक कार्रवाई
वर्ष 2024 में केवल 15 मामलों में कार्रवाई की गई थी। वहीं 2025 में अब तक 153 मामलों में कार्रवाई की गई है। यह पिछली साल की तुलना में 900% की वृद्धि दर्शाता है।
दुर्घटनाओं में आई कमी
सिंगरौली पुलिस की सक्रिय मुहिम का असर भी साफ दिख रहा है। वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटनाओं और मृतकों की संख्या में 9% कमी दर्ज की गई है। घायलों की संख्या में भी लगभग 11% की कमी आई है।
130 चालकों के लाइसेंस निलंबित
माननीय न्यायालय के आदेश पर 6 महीने के लिए 130 वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। पुलिस ने इन चालकों के प्रस्ताव परिवहन विभाग को भेजे थे।
यातायात पुलिस रख रही सभी का रिकॉर्ड
- मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत शराब पीकर या नशे में वाहन चलाना अपराध है।
- पहली बार ऐसा करने पर ₹10,000 तक का जुर्माना या 6 महीने की जेल हो सकती है।
- दूसरी बार अपराध दोहराने पर यह सजा ₹15,000 और 2 साल तक की कैद तक पहुंच सकती है।
इसलिए यातायात पुलिस हर चालक और वाहन का रिकॉर्ड सुरक्षित रख रही है ताकि दोबारा अपराध की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जा सके।
पुलिस की अपील
सिंगरौली पुलिस ने जनता से अपील की है कि शराब पीकर वाहन न चलाएं। यातायात नियमों का पालन करें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।



