सिंगरौली, 6 अगस्त 2025 : एनसीएल (Northern Coalfields Limited) परियोजनाओं में काम कर रही संविदा कंपनियों को अब जिले के 70% स्थानीय युवाओं को रोजगार देना अनिवार्य होगा। यह सख्त निर्देश कलेक्टर श्री चन्द्र शेखर शुक्ला ने जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक के दौरान जारी किए हैं। बैठक में पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री समेत जिला प्रशासन, एनसीएल और कंपनियों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कंपनियों को देना होगा कर्मचारियों का पूरा डेटा
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि अगले एक सप्ताह के भीतर सभी कंपनियां अपने अधीन कार्यरत श्रमिकों—कुशल व अकुशल दोनों—की पूरी सूची जिलाप्रशासन को सौंपें। साथ ही, हर कर्मचारी का स्थानीय प्रमाण और पंजीकरण विवरण भी आवश्यक तौर पर शामिल किया जाए।
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पारदर्शिता और प्राथमिकता : नियुक्ति प्रक्रिया होगी खुले तौर पर
श्री शुक्ला ने जोर दिया कि नियुक्तियों के लिए कंपनियां विज्ञापन देकर वर्गवार, न्यूनतम योग्यता के आधार पर आवेदन आमंत्रित करें।
भर्ती में प्राथमिकताएं रहेंगी
- विस्थापित व्यक्तियों को पहला मौका,
- फिर अन्य स्थानीय युवाओं को,
- और बाकी पात्र उम्मीदवारों को।
श्रमिकों को अधिकार और सुरक्षा
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि किसी भी श्रमिक से अधिकतम आठ घंटे ही काम लिया जाएगा और यदि ज्यादा काम कराया जाता है, तो नियमानुसार ओवरटाइम भुगतान अनिवार्य है।साथ ही, सभी श्रमिकों का PF समय से जमा हो, नियत वेतन मिले और लेबर कोड का पूरी तरह अनुपालन हो। इस पूरी व्यवस्था की जांच के लिए समिति का गठन किया गया है।
डिजिटल डेटा और निगरानी
श्रम अधिकारियों को निर्देश मिले कि सभी कंपनियां प्रत्येक श्रमिक का डेटा पोर्टल पर अपलोड करें और समय-समय पर उसे अपडेट भी करते रहें।बैठक में एनसीएल के निदेशक (कर्मिक) मनीष कुमार, एसडीएम सृजन बर्मा, श्रम अधिकारी नवनीत पाण्डेय सहित प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।



