सिंगरौली नगर निगम ने औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत कंपनियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। डिप्टी कमिश्नर आरपी बैस ने बकाया संपत्ति कर को लेकर कई कंपनियों को नोटिस जारी करते हुए सात दिनों के भीतर भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
ख़बर क्या है ? औद्योगिक कंपनियों को 7 दिन में संपत्ति कर जमा करने का नोटिस
नगर पालिक निगम सिंगरौली के अंतर्गत आने वाली कई बड़ी औद्योगिक कंपनियों पर लाखों रुपये का संपत्ति कर बकाया है। इसको लेकर निगम प्रशासन ने सूची जारी कर कंपनियों को तत्काल भुगतान के लिए निर्देशित किया है।
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निगाही क्षेत्र की डीबीएल कंपनी पर 4,25,455 रुपये, सिक्कल लॉजिस्टिक पर 8,72,328 रुपये और पीसी पटेल पर 5,67,674 रुपये का बकाया है।
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इसके अलावा राम किपाल कंपनी (2,26,025 रुपये), कन्द्रोई ट्रांसपोर्ट (12,83,406 रुपये) और विन्ध्या एग्रो इंडस्ट्री (12,62,436 रुपये) पर भी बड़ी राशि बकाया है।
प्रमुख कंपनियों में लार्सन एंड टर्बो लिमिटेड पर 8,85,524 रुपये, लोहिया एग्रो राइस मिल पर 4,51,000 रुपये और रुद्राक्ष हाईटेक पर 2,19,307 रुपये का कर बकाया है।
इसी क्रम में विपिन कुमार जायसवाल, शिवा इंडस्ट्रीज, भारत पेट्रोलियम और डोजको इंडिया समेत कई अन्य संस्थानों को भी नोटिस जारी किया गया है।
दूसरी सूची में सेंट जोसफ स्कूल पर 3,04,785 रुपये और होटल सागर (नरेश कुमार शाह) पर 2,45,936 रुपये का बकाया दर्ज है। इसके अलावा अब्दुल अहाद बाजार इंडिया पर 2,04,852 रुपये और विन्ध्या मेटाल्स पर 1,03,057 रुपये का टैक्स बाकी है।
डिप्टी कमिश्नर आरपी बैस ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि संबंधित कंपनियां एक सप्ताह के भीतर बकाया राशि जमा नहीं करती हैं, तो उनकी चल-अचल संपत्ति की कुर्की कर वसूली की कार्रवाई की जाएगी।



